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अमेरिका में कोरोना से अब तक 7 लाख लोगों की मौत, पिछले साढ़े तीन महीने में हुई एक लाख मौतें

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 02, 2021 09:22 am IST,  Updated : Oct 04, 2021 12:18 pm IST

अमेरिका में डेल्टा स्वरूप के कारण मृतकों की संख्या 6,00,000 से 7,00,000 पहुंचने में महज साढ़े तीन महीने का वक्त लगा।

अमेरिका में कोरोना से अब तक 7 लाख लोगों की मौत, पिछले साढ़े तीन महीने में हुई एक लाख मौतें- India TV Hindi
अमेरिका में कोरोना से अब तक 7 लाख लोगों की मौत, पिछले साढ़े तीन महीने में हुई एक लाख मौतें Image Source : AP

मिनियापोलिस (अमेरिका): अमेरिका में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या शुक्रवार को 7,00,000 के आंकड़े पर पहुंच गयी। वहीं, अत्यधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप के मामलों में कमी आनी शुरू हो गयी और अस्पतालों में मरीजों की भीड़ कुछ कम हुई है। अमेरिका में डेल्टा स्वरूप के कारण मृतकों की संख्या 6,00,000 से 7,00,000 पहुंचने में महज साढ़े तीन महीने का वक्त लगा।

 डेल्टा स्वरूप का संक्रमण उन लोगों में ज्यादा फैला जिन्होंने कोविड-19 रोधी टीके की खुराक नहीं ले रखी थी। मृतकों की संख्या बोस्टन की आबादी से कहीं ज्यादा है। मृतकों का यह आंकड़ा स्वास्थ्य नेताओं और चिकित्सकों के लिए परेशान करने वाला है क्योंकि टीके सभी अमेरिकियों को लगभग छह महीने से उपलब्ध हैं और टीके की खुराक उन्हें अस्पताल में भर्ती होने तथा मरने से बचा सकती है। ऐसा अनुमान है कि सात करोड़ योग्य अमेरिकियों ने अभी टीके की खुराक नहीं ली है। बहरहाल, मृतकों की बढ़ती संख्या के बावजूद सुधार के कुछ संकेत हैं। 

देशभर में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संख्या करीब 75,000 है जबकि सितंबर की शुरुआत में यह संख्या 93,000 थी। संक्रमण के नए मामलों में कमी आ रही है। मृतकों की संख्या भी कम होती दिखायी दे रही है। संक्रमण और मृतकों की संख्या कम होने की वजह अधिक लोगों के मास्क पहनने और टीका लगवाना है।

 वहीं, दवा कंपनी मर्क ने शुक्रवार को कहा कि उसकी कोविड-19 से संक्रमित लोगों के लिए प्रायोगिक गोली ने अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों और मृतकों की संख्या आधी कर दी। अगर इसे दवा नियामकों से मंजूरी मिल जाती है जो यह कोरोना वायरस का इलाज करने में कारगर पहली दवा होगी। सरकार के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ.एंथनी फाउची ने शुक्रवार को आगाह किया कि कुछ लोग टीका न लगवाने की वजह के तौर पर कुछ उत्साहजनक प्रवृत्तियों को देख सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छी खबर है कि संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। यह टीके की खुराक लेने की आवश्यकता के मुद्दे से बचने का बहाना नहीं है। (भाषा)

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