1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. भारत-चीन और नेपाल के 4 छात्रों ने ट्रंप के खिलाफ ठोका मुकदमा, अपने संभावित निर्वासन को दी चुनौती

भारत-चीन और नेपाल के 4 छात्रों ने ट्रंप के खिलाफ ठोका मुकदमा, अपने संभावित निर्वासन को दी चुनौती

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Apr 16, 2025 05:26 pm IST,  Updated : Apr 16, 2025 05:26 pm IST

भारतीय, चीनी और नेपाली छात्रों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्वासन को कोर्ट में चुनौती दी है। इन देशों के 4 छात्रों ने मिलकर अपने संभावित निर्वासन को अवैध बताते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। Image Source : AP

न्यूयॉर्क: भारत, चीन और नेपाल के 4 छात्रों ने मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्वासन को कड़ी चुनौती दे दी है। 4 छात्रों ने मिलकर अपने संभावित निर्वासन के खिलाफ याचिका दायर की है। ये चारों छात्र अमेरिकी  मिशिगन के सरकारी विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। इनमें एक भारतीय छात्र भी शामिल है। इन चार छात्रों ने अपने छात्र आव्रजन दर्जे को ‘अवैध’ रूप से समाप्त किए जाने के बाद अमेरिका से संभावित निर्वासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

अपील दायर करने वालों में भारत के चिन्मय देवरे, चीन के जियांगयुन बु और कियुई यांग और नेपाल के योगेश जोशी शामिल हैं। इन छात्रों ने शुक्रवार को ‘डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी’ (डीएचएस) और आव्रजन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया है कि ‘छात्र एवं विनिमय आगंतुक सूचना प्रणाली’ (एसईवीआईएस) में उनके छात्र आव्रजन दर्जे को ‘पर्याप्त नोटिस और स्पष्टीकरण के बिना’ अवैध रूप से समाप्त कर दिया गया।

क्या है एसईवीआईएस

बता दें कि एसईवीआईएस एक ऐसा आंकड़ा है जो अमेरिका में गैर-प्रवासी छात्रों और शैक्षणिक विनिमय के तहत आने वाले छात्रों (विनिमय आगंतुक) के बारे में जानकारी जुटाता है। इसके खिलाफ एक संघीय मुकदमा दायर करके एक आपतकालीन निषेधाज्ञा जारी करने का अनुरोध किया है, जिनकी एफ-1 छात्र आव्रजन स्थिति को ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना किसी वैध कारण और बिना किसी नोटिस के अवैध रूप से और अचानक समाप्त कर दिया गया था। एसीएलयू ने कहा कि मुकदमे में अदालत से इन छात्रों की स्थिति को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और हिरासत और निर्वासन के जोखिम का सामना करने से बच सकें।

याचिकाकर्ताओं ने कहा-हमारे ऊपर नहीं है कोई आरोप

याचिका दायर करने वाले छात्रों ने अदालत में कहा है, “हम सभी में किसी पर भी अमेरिका में कोई अपराध का आरोप नहीं है, न ही किसी मामले में हमें दोषी ठहराया गया है। इतना ही नहीं, हमने किसी भी आव्रजन कानून का उल्लंघन नहीं किया है। न ही किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर परिसर में विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रहे हैं।” इसलिए हम सभी का निर्वासन अवैध है। इसे रद्द किया जाना चाहिए। इस शिकायत में डीएचएस सचिव क्रिस्टी नोएम, कार्यकारी आईसीई निदेशक टॉड लियोन्स और आईसीई डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस निदेशक रॉबर्ट लिंच का नाम शामिल है। इसी प्रकार के मुकदमे न्यू हैम्पशायर, इंडियाना और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों समेत देशभर में दायर किये गए हैं। (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश।