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वुहान लैब और कोविड वायरस का राज अब आएगा सामने, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने बिल पर किए साइन

 Published : Mar 21, 2023 09:01 am IST,  Updated : Mar 21, 2023 09:01 am IST

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से अब 90 दिनों के अंदर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की फाइलों में इस बारे में दर्ज जानकारियां सामने आ जाएंगी। इस कवायद से जो खुफिया जानकारी उजागर की जाएगी उसमें वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और कोरोना वायरस रोग की उत्पत्ति के बीच संभावित लिंक से जुटी जानकारी भी होगी।

joe biden- India TV Hindi
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन Image Source : PTI

वॉशिंगटन: सदी की सबसे भीषण महामारी का राज अब जल्दी ही पूरी दुनिया के सामने होगा। कोविड-19 की उत्पत्ति से जुड़ी जानकारी अमेरिका अब सार्वजनिक करेगा। राष्ट्रपति  जो बाइडेन ने उस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिसमें कोविड-19 की उत्पत्ति के बारे में खुफिया जानकारी को सार्वजनिक करने के प्रस्ताव था। राष्ट्रपति के साइन होने के बाद अब जल्द ही चीन का वो चेहरा पूरी दुनिया के सामने होगा जिसे अभी तक चीन  छिपाता आ रहा है।

सामने आएगा COVID-19 के वजूद का सच

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम से अब 90 दिनों के अंदर अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की फाइलों में इस बारे में दर्ज जानकारियां सामने आ जाएंगी। इस कवायद से जो खुफिया जानकारी उजागर की जाएगी उसमें वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और कोरोना वायरस रोग की उत्पत्ति के बीच संभावित लिंक से जुटी जानकारी भी होगी। दुनिया भर में करोड़ों लोगों की मौत की वजह बनी इस घातक महामारी की शुरुआत के लगभग तीन साल बाद अमेरिकी सीनेट ने सर्वसम्मत सहमति से पास कर दिया था।

'वुहान लैब से फैला कोरोना, एक पैसा नहीं देंगे'
इससे पहले अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की हेली ने हाल ही में चीन को लेकर बड़ी बात कही थी। हेली ने कहा था कि कोविड संभवतः एक चीनी लैब से फैला है और इस वजह से चीन को अमेरिकी सहायता में कटौती करनी चाहिए। हेली ने ट्वीट किया था, "कोविड-19 संभवतः एक चीनी प्रयोगशाला से आया है। अमेरिकी सहायता में कटौती करें। कम्युनिस्ट चीन को अब एक पैसा भी नहीं देना चाहिए।" हेली ने कहा था कि सत्ता में आने पर वह अमेरिका से नफरत करने वाले देशों को मिलने वाली विदेशी सहायता में एक-एक फीसदी की कटौती करेंगी। इसमें चीन, पाकिस्तान और अन्य विरोधी शामिल हैं क्योंकि "एक मजबूत अमेरिका बुरे लोगों को भुगतान नहीं कर सकता है।"

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दुनियाभर में कोराना से अब तक 68 लाख 11 हजार लोगों की मौत
बता दें कि दुनियाभर में फैली कोराना महामारी के चलते अब तक 68 लाख 11 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस महामारी की चपेट में 68 करोड़ 14 लाख 19 हजार संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 65 करोड़ 43 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका ने झेला है। यहां 11 लाख 48 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवांई। वहीं, अमेरिका के बाद भारत को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है। यहां 5 लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना से हुई।

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