पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने और हड़ताल के दौरान चयनमुक्त की गई सेविकाओं और सहायिकाओं को वापस लेने का ऐलान कर उन्हें बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने एक अणे मार्ग पर लोकसंवाद के दौरान आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के शिष्टमंडल से मुलाकात के दौरान यह ऐलान किया। इस मुलाकात के दौरान इन लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी थी।
नीतीश कुमार ने इन कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के बाद कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं में बेहतरी के लिए कई कदम उठाए गए हैं। समय समय पर सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय भी बढ़ाए गए हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि आपलोगों ने जो मांग रखी है तो उसके आधार पर आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल अवधि के दौरान जिन आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को चयनमुक्त कर दिया गया था अब उन्हें वापस ले लिया जाएगा। इस मौके पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार वित् विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
दरअसल, अक्टूबर महीने में अपनी मांगों को लेकर आंगनबाड़ी की सेविकाएं और सहायिकाएं हड़ताल पर थी। हड़ताल की अवधि के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटक गया था। इसके बाद सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को चयनमुक्त कर दिया था। लेकिन आज मुख्यमंत्री ने शिष्ट मंडल के साथ मुलाकात के बाद सभी चयनमुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओं और सेविकाओं को वापस लेने का ऐलान कर दिया है।
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