राज्यसभा में नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद आगे कब क्या होगा? इस सवाल का जवाब जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने दिया है। उन्होंने कहा, अभी तो मुख्यमंत्री जी के कल शपथ लेने की संभावना है। कल शपथ लेकर फिर वापस जब पटना आएंगे तब वे सीएम पद से इस्तीफा देंगे, गवर्नर साहब को जैसी उम्मीद है और एक बार जब इस्तीफा दे देंगे तभी सरकार बनने की कवायद तेज होगी। अभी तो नीतीश जी की सरकार है, अभी जगह खाली नहीं है, इसलिए उसके बाद ही इस पर विचार होगा। विजय चौधरी ने इंडिया टीवी से बातचीत में क्या क्या कहा, जानिए यहां...
दिल्ली से नीतीश जी की वापसी कल या परसों होगी। उसके बाद NDA विधायक दल और NDA के घटक दलों की बैठके भी होनी हैं। नीतीश कुमार की.कल भी वापसी या परसों भी वापसी हो सकती है। हम लोगों को बैठक की अभी तक कोई सूचना नहीं है। जो प्रक्रिया है, जो औपचारिकता है, वह सब तो होगी ही लेकिन उसके बारे में अभी कोई रोड मैप नहीं बना है। NDA के नेता और बीजेपी के नेता भी कह रहे हैं कि नीतीश कुमार के बताये रास्ते पर ही सरकार चलेगी।
यह तो स्वाभाविक है, अभी तो 2030 तक का मैंडेट नीतीश कुमार के नाम पर ही बिहार के लोगों ने दिया है, यह तो स्वाभाविक अपेक्षा है, जो भी नई सरकार आएगी वह नीतीश कुमार के बताए रास्ते पर ही चलेगी और ऐसा सभी कह रहे हैं।एनडीए के सभी घटक दल यही भावना रख रहे हैं और यही कह रहे हैं इसलिए इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
राजद ने कहा है नीतीश को धोखा दिया जा रहा है?
इसपर विजय चौधरी ने कहा, नीतीश कुमार तो स्वेच्छा से जा रहे हैं राज्यसभा, तो इसमें धोखा किसको हो गया। 15 साल -20 साल से हम लोग यह सुन रहे हैं, कभी ना कभी तो कुछ होता ही है, जिंदगी भर तो कोई रहता नहीं है।
नयी सरकार का गठन कब तक हो सकता है?
तारीख अभी तय ही नहीं हुई है तो हम लोग क्या बता सकते हैं, कोई बताएगा भी तो वह उनका अनुमान हो सकता है, हो सकता है उनका अनुमान सही भी हो जाए। नीतीश कुमार इस्तीफे की जानकारी कैबिनेट, विधानमंडल की बैठक में देंगे या सीधे गवर्नर को इस्तीफा देंगे?
इसपर, चौधरी ने कहा, यह तो उनकी इच्छा पर निर्भर करता है, इसमें किसी चीज का बंधेज नहीं है। इस्तीफा देने के लिए वह स्वतंत्र है, किस तरीके से देंगे इस पर भी उनकी इच्छा से ही सब होगा। इसलिए इसमें बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत ही नहीं है।
क्या ये तय है कि बीजेपी का ही CM होगा?
यह तो उम्मीद की जा रही है कि बीजेपी का सीएम होगा, हालांकि एनडीए के विधायक दल में जिनको नेता चुना जाएगा, मुख्यमंत्री वही बनेगा। यह अलग बात है कि बीजेपी की तरफ से अनुशंसित नाम के नेता चुने जाने की संभावना अधिक है।
निशांत को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है?
निशांत पार्टी में सक्रिय हो गए हैं तो यह तो स्वाभाविक है।