सिरोही पुलिस ने दहेज हत्या के एक चर्चित मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसे प्राकृतिक मौत और हार्ट अटैक का रूप देने की कोशिश की थी।
मामले में मृतका के परिजनों की रिपोर्ट पर थाना बरलूट में प्रकरण दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस को अलग-अलग बयान देकर गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के विश्लेषण के बाद हत्या की पुष्टि हुई।
10 दिन तक रची गई हत्या की पूरी पटकथा
सिरोही जिले के बरलूट थाना क्षेत्र के जावाल में पूनम कंवर की हत्या को प्राकृतिक मौत बताकर पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पत्नी की मौत को हार्ट अटैक साबित करने की पूरी कहानी रचने वाले शातिर पति गजेंद्र सिंह पुत्र नरपत सिंह, निवासी जावाल को बरलूट थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पहले पत्नी को 10 दिन पूर्व कोयम्बटूर ले जाकर योजनाबद्ध तरीके से घटनाक्रम तैयार किया, फिर अहमदाबाद और उदयपुर घुमाकर यह दिखाने की कोशिश की कि सब कुछ सामान्य है। लेकिन पुलिस की मनोवैज्ञानिक जांच और कड़ी पड़ताल के आगे उसकी पूरी साजिश ध्वस्त हो गई।
SP ने किया सनसनीखेज खुलासा
पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने आज मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपी ने हत्या को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए पहले से पूरी योजना बनाई थी। योजना के तहत वह पत्नी को कोयम्बटूर ले गया, वहां से अहमदाबाद और फिर उदयपुर पहुंचा। उदयपुर के सेलिब्रेशन मॉल में पत्नी से खरीदारी करवाई, साथ में फोटो भी खिंचवाए ताकि बाद में यह साबित किया जा सके कि पत्नी के साथ उसके रिश्ते पूरी तरह से सामान्य थे।
3 साल की बेटी सो रही थी, आरोपी ने पत्नी की कर दी हत्या
इसके बाद आरोपी ने उदयपुर से जावाल जाने के लिए टैक्सी किराए पर ली। पत्नी और 3 वर्षीय मासूम बेटी के साथ वह रात में रवाना हुआ। रास्ते में जब बेटी गहरी नींद में सो रही थी, तभी आरोपी ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को लेकर वह अपने घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि रास्ते में हार्ट अटैक आने से पत्नी की मौत हो गई।

मृतका के भाई ने जताई हत्या की आशंका
आरोपी ने बरलूट थाने में भी पत्नी की प्राकृतिक मौत की सूचना देकर मर्ग दर्ज करवा दिया। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम कराया, लेकिन मृतका के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को रिपोर्ट दी। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच वृत्ताधिकारी मुकेश चौधरी को सौंपी गई।
जांच के दौरान एसडीएम और डिप्टी की मौजूदगी में साक्ष्यों की गहन पड़ताल की गई। पुलिस ने घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ा, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और पूछताछ का दायरा बढ़ाया। आखिरकार आरोपी के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने पत्नी की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
टैक्सी चालक की भूमिका संदिग्ध
पुलिस अब उस टैक्सी चालक की तलाश कर रही है, जिसकी भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। टैक्सी चालक द्वारा इस जघन्य हत्याकांड को छुपाने के चलते षड्यंत्र में उसकी संलिप्तता मानते हुए उसे भी आरोपी बनाया जाएगा।
बता दें कि यह प्रकरण 11 जुलाई को बरलूट थाने में दर्ज हुआ था। मामले की गहन जांच के बाद 14 जुलाई को पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच जारी है और जल्द ही अन्य पहलुओं का भी खुलासा किया जाएगा।
(रिपोर्ट- विक्रम सिंह करणोत)
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