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दिल्ली वाले रहें तैयार! इन दो दिनों में कराई जाएगी आर्टिफिशियल बारिश; अपडेट आया सामने

 Reported By: Anamika Gaur, Edited By: Malaika Imam
 Published : Oct 23, 2025 04:35 pm IST,  Updated : Oct 23, 2025 10:14 pm IST

दिल्ली में 29 और 30 अक्टूबर को कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। कृत्रिम बारिश को अंजाम देने वाला विशेष विमान सेसना एयरक्राफ्ट कानपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुका है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PTI

देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण और धुंध से राहत दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम वर्षा कराई जाएगी। दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि 29 और 30 अक्टूबर को कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। क्लाउड सीडिंग को अंजाम देने वाला विशेष विमान सेसना एयरक्राफ्ट कानपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुका है। यह विमान मेरठ में तैनात है।

ऑपरेशन के लिए विमान तैयार

क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए विमान में आवश्यक उपकरण फिट कर दिए गए हैं और यह मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है। वैज्ञानिकों और अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया शुरू करने की अंतिम अनुमति दिल्ली और सटे NCR क्षेत्र पर पर्याप्त बादल छाए रहने पर निर्भर करेगी।

मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्या कहा?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की कि क्लाउड सीडिंग के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सेसना विमान और आवश्यक उपकरण जगह पर हैं, पायलटों को लाइसेंस मिल चुका है।

मंत्री सिरसा ने बताया कि अब केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से हरी झंडी मिलने का इंतजार है, ताकि जैसे ही बादल बनें, ऑपरेशन शुरू किया जा सके।

सिरसा ने कहा, "क्लाउड सीडिंग के लिए बादल होना अनिवार्य है। हमें IMD से पूरी अनुमति मिल चुकी है और सबकुछ नियंत्रण में है। विमान आ चुके हैं, जिनमें सेसना भी शामिल है, और सारा जरूरी उपकरण लग चुका है। पायलटों के पास लाइसेंस है। अब हम बस मौसम विभाग से हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि अगले एक सप्ताह के भीतर, जैसे ही बादल बनेंगे, क्लाउड सीडिंग संचालन किया जाएगा।"

उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों ने केवल बातें कीं, हमने 7 महीनों में वास्तव में जमीनी काम किया। मंजूरी, समझौते, समझौता ज्ञापन (MOUs), वैज्ञानिकों के साथ परामर्श और पायलटों एवं विमानों के साथ व्यवस्था की।"

क्लाउड सीडिंग क्या है?

बता दें कि क्लाउड सीडिंग एक वैज्ञानिक तकनीक है, जिसका उपयोग वातावरण में कुछ पदार्थों को फैलाकर वर्षा की संभावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन पदार्थों के कारण बादलों के भीतर पानी की बूंदों का संघनन तेज होता है, जिससे अंततः वर्षा होती है। आमतौर पर, सिल्वर आयोडाइड, पोटेशियम आयोडाइड, या सोडियम क्लोराइड जैसे यौगिकों को विमानों या जमीन आधारित जनरेटर से नमी वाले बादलों में छोड़ा जाता है।

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