दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए क्लाउड सीडिंग कराई गई थी। ये क्लाउड सीडिंग आईआईटी कानपुर की मदद से की गई। क्लाउड सीडिंग के बाद भी दिल्ली में आर्टीफीशियल बारिश नहीं हुई।
दिल्ली में मंगलवार को क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया फेल हो गई और इसे लेकर आज भी प्रयास जारी है। क्लाउड सीडिंग में कितना खर्च आता है और ये आर्टिफिशियल बारिश कब होगी? जान लीजिए पूरी बात...
दिल्ली के कुछ हिस्सों में मंगलवार को क्लाउड सीडिंग के माध्यम से बारिश कराने के प्रयास किए गए लेकिन "पूरी तरह सफल नहीं" रहे, आईआईटी कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल ने इसके पीछे की वजह बताई है। आज फिर इसके प्रयास किए जाएंगे।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में क्लाउड सीडिंग के बाद बारिश दर्ज की गई है। IIT कानपुर की रिपोर्ट के मुताबिक इसका डाटा भी सामने आया है।
देश की राजधानी दिल्ली को प्रदूषण और धुंध से राहत दिलाने के लिए क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश कराई जा रही है। दिल्ली के खेकड़ा, करोल बाग, मयूर विहार, बुराड़ी समेत कई इलाकों में बादलों में केमिकल डाला गया है।
दिल्ली में एक ओर महापर्व छठ की जोर-शोर से तैयारी चल रही है, तो वहीं यहां की हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 27 या 28 अक्टूबर को कृत्रिम बारिश कराने की तैयारी है।
दिल्ली में पहली बार प्रदूषण से बचाव के लिए कृत्रिम बारिश कराई जाएगी, इसे क्लाउड सीडिंग कहा जाता है। जानिए क्या है ये तकनीक और इस बारिश में घर से बाहर निकलना ठीक रहेगा या नहीं, जानें इससे जुड़ीं सभी बातें....
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार दिल्ली में पहली बार कृत्रिम बारिश कराएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसके लिए तारीख का भी ऐलान कर दिया है।
दिल्ली में 29 और 30 अक्टूबर को कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। कृत्रिम बारिश को अंजाम देने वाला विशेष विमान सेसना एयरक्राफ्ट कानपुर से मेरठ के लिए रवाना हो चुका है।
दिल्ली में प्रदूषण और स्मॉग से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश का पहला ट्रायल दीवाली के बाद होने की संभावना है। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, और अब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की मंजूरी का इंतजार है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कृत्रिम बारिश को बड़ा हथियार माना जा रहा है। IIT कानपुर की देख-रेख में कृत्रिम बारिश कराई जाएगी।
Viral Video: मिर्जापुर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसे देखने के बाद हर कोई सन्न रह गया है। इस वीडियो में गंगा नदी से आसमान की ओर एक अनोखाी लकीर दिखाई दी जिसे लेकर लोग तमाम तरह की आशंकाएं व्यक्त कर रहे हैं।
दिल्ली सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक एक्शन प्लान लागू करेगी, जिसमें क्लाउड-सीडिंग, AI आधारित निगरानी और सख्त ट्रैफिक नियम शामिल हैं। क्लाउड-सीडिंग का ट्रायल गर्मियों में होगा और 12 विभागों से NOC ली जाएगी।
दुबई में अचानक हुई मूसलाधार बारिश कोई सामान्य घटना नहीं है। भयंकर बारिश के कारण यूएई में हवाई, मेट्रो और सड़क यातायात ठप हो गए हैं। स्कूल, कॉलेज, बाजारों और मॉल व दफ्तरों को बंद कर दिया गया है। सड़कों, हवाई अड्डों और मेट्रो ट्रैक पर पानी भर गया है। 75 वर्षों में हुई यह सबसे तेज बारिश है।
दिल्ली को वायु प्रदूषण की चपेट से फिलहाल क्लाउड सीडिंग के जरिए ही निकाला जा सकता है। दरअसल यह एक तरह का छिड़काव होता है जिसे बादलों के ऊपर किया जाता है ताकि बारिश हो सके, जिससे आसमान में मौजूद धूलकण जमीन पर आ जाएं और प्रदूषण से निपटा जा सके।
केरल 100 साल के सबसे बड़े सूखे का सामना कर रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए केरल के मुख्यमंत्री क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश कराने पर विचार कर रहे है
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