सिविल एविएशन मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को आर्टिफीशियल बारिश (कृत्रिम वर्षा) कराने की मंजूरी दे दी है। अक्टूबर-नवंबर के महीने में दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कृत्रिम बारिश को बड़ा हथियार माना जा रहा है। IIT कानपुर की देख-रेख में कृत्रिम बारिश कराई जाएगी।
IMD ने जून में दी थी मंजूरी
बता दें कि इससे पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने जून महीने में बताया था कि वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश से संबंधित दिल्ली सरकार की पायलट परियोजना को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंजूरी दे दी है और सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को किया जाएगा कवर
उत्तर-पश्चिम और बाहरी दिल्ली में पांच विमान-आधारित क्लाउड सीडिंग उड़ानों की योजना बनाई गई है। लगभग 90 मिनट की उड़ान के दौरान करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। आईएमडी उड़ान योजना में सहायता के लिए बादलों के प्रकार, ऊंचाई, हवा की दिशा और ओस बिंदु सहित वास्तविक समय के मौसम संबंधी डेटा प्रदान करेगा। सीडिंग जमीन से 500 से 6,000 मीटर ऊपर स्थित निंबोस्ट्रेटस बादलों को लक्षित करेगी, जिनमें नमी का स्तर कम से कम 50 प्रतिशत होगा।
कितना आएगा खर्च?
आधिकारिक बयान के अनुसार, 3.21 करोड़ रुपये की इस पायलट परियोजना को दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है।