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बेरोजगार युवकों को फोन कर दे रहे थे नौकरी का झांसा, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दिल्ली से 18 गिरफ्तार

 Published : Mar 11, 2025 11:36 pm IST,  Updated : Mar 11, 2025 11:41 pm IST

दिल्ली पुलिस ने फेक कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ करते हुए 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी लोग बेरोजगार युवकों को नौकरी देने का झांसा देते थे और इसके बदले मोटी रकम ऐंठ रहे थे।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : META AI

दिल्ली पुलिस ने प्रतिष्ठित बैंकों और कंपनियों के एचआर प्रतिनिधि बनकर नौकरी चाहने वालों को अपना शिकार बनाने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान धोखाधड़ी में शामिल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

इस तरह खुला मामला

पुलिस ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच 30 जनवरी को तब शुरू हुई, जब एक पीड़ित ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता नौकरी की तलाश कर रहा था, उसने कई जॉब पोर्टल पर अपना बायोडाटा अपलोड किया था। 

ऑनलाइन टेस्ट देने को कहा

पुलिस उपायुक्त (बाहरी दिल्ली) ने एक बयान में कहा, ‘ शिकायतकर्ता को 25 जनवरी को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को एक प्रसिद्ध बैंक का प्रतिनिधि बताया। फोन करने वाले ने उसे एक ऑनलाइन परीक्षा देने को कहा, जिसे वे पूरा नहीं कर पाए। इसके बाद, उन्हें एक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पाठ्यक्रम की सलाह दी गई, जो नौकरी पाने के लिए जरूरी बताया गया।’ 

बैंक डिटेल तक पहुंचे फर्जी कॉल सेंटर के ठग

बयान के मुताबिक, फोन करने वाले पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने ठगों द्वारा उपलब्ध कराए गए दूसरे फोन नंबर के माध्यम से आगे की बातचीत की। शिकायतकर्ता को यह विश्वास दिलाकर गुमराह किया गया कि यह एक वैध रोजगार अवसर है और उनसे पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा गया। ठगों ने उसके बैंक विवरण तक भी पहुंच प्राप्त कर ली, जिसके कारण कानूनी कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बनाई विशेष टीम

पुलिस ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। कॉल रिकॉर्ड, आईएमईआई ट्रैकिंग और ईमेल से जुड़े खातों के विश्लेषण के माध्यम से पुलिस ने मुख्य संदिग्धों का पता लगाया। बयान के मुताबिक, सात मार्च को जनकपुरी में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों गौरव दरगन (46) और पीयूष मल्होत्रा ​​(40) को गिरफ्तार किया गया। 

झूठे वाद कर बहकाया जाता था

डीसीपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ में जनकपुरी स्थित माता चन्नन देवी अस्पताल के पास चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पता चला। उन्होंने बताया, ‘इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके पर छापा मारा और दो महिलाओं सहित 16 और संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरोह वैध कंपनियों के एचआर पेशेवर बनकर नौकरी चाहने वालों को ठगते थे। पीड़ितों को नौकरी के झूठे वादे करके बहकाया जाता था और पंजीकरण और प्रशिक्षण के लिए शुल्क का भुगतान करने के लिए मजबूर किया जाता था। हालांकि, कोई वास्तविक नौकरी की पेशकश नहीं की गई और उनके पैसे हड़प लिए गए।’

बड़ी संख्या में मोबाइल, लैपटॉप और डेस्कटॉप भी बरामद

इसके साथ ही पुलिस ने छापेमारी के दौरान सिम कार्ड सहित आठ मोबाइल फोन, आठ लैपटॉप, एक एप्पल डेस्कटॉप, पांच राउटर, दो सीपीयू और दो मॉनिटर जब्त किए हैं। (भाषा के इनपुट के साथ)

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