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राम मंदिर चंदा चोरी मामला, गाइडलाइंस का नहीं होता था पालन, जानें SOP में क्या क्या है?

 Reported By: Abhay Parashar Edited By: Kajal Kumari
 Published : Jul 08, 2026 06:37 pm IST,  Updated : Jul 08, 2026 06:48 pm IST

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कई तरह के खुलासे हुए हैं। जानकारी मिली है कि चोरी को अंजाम देने के लिए जो गाइडलाइंस तय की गई थीं, उनका कभी पालन नहीं होता था। जानें एसओपी में क्या क्या था?

राम मंदिर चंदा चोरी- India TV Hindi
राम मंदिर चंदा चोरी

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में हुए खुलासे के बाद आठ आरोपियों में से तीन लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को पुलिस ने 40 घंटे की रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक मिली है, जो बिल्कुल असली रसीद बुक की तरह दिखती है। इस पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगो भी बना हुआ है। आरोपियों ने पूछताछ में कबूला है कि वे फर्जी रसीद काटकर चंदा देने वालों से पैसे भी ऐंठ लेते थे। अयोध्या राम मंदिर में दान गणना प्रक्रिया के लिए 2025 में जो SOP बनी थी, उसका पूरी तरह से पालन नही हुआ।

जानें क्या है एसओपी

  • दस्तावेज़ में SBI और ट्रस्ट की संयुक्त ज़िम्मेदारियां बताई गई हैं।

     

  • SOP में दानपात्र से निकली राशि नियमित अंतराल पर बैंक खाते में जमा कराने का प्रावधान है।
     
  • गणना प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और सुव्यवस्थित रखने की बात कही गई है।
     
  • नोट गिनने वाली मशीनों के सही संचालन और नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
     
  • अनावश्यक कैश होल्डिंग नहीं करने तथा समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था हो।
     
  • गणना कार्य में शामिल कर्मचारियों की नियुक्ति और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी भी इसमें तय की गई है। 
     
  • SBI अधिकारियों का मासिक रोटेशन करने का भी प्रावधान SOP का हिस्सा है, जाहिर तौर पर इन सबकी अनदेखी की गई 

SOP के अनुसार ट्रस्ट की जिम्मेदारियां क्या थीं?

  • गणना प्रक्रिया की निगरानी, ताकि पारदर्शिता और प्रमाणिकता बनी रहे।
     
  • नकद जमा पर्ची, चालान, रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर कर लेन-देन की पुष्टि।
     
  •  गणना में लगे कर्मचारियों के लिए उचित कार्य वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी।

बैंक और ट्रस्ट की संयुक्त जिम्मेदारियां क्या थीं?

  • दानपात्र प्रतिदिन नामित अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में खोला जाए।
     
  • दानपात्र खोलने और पूरी प्रक्रिया की नियमित सूचना व रिकॉर्डिंग, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो।
     
  •  गिनती कक्ष भी संयुक्त जिम्मेदारी के तहत समय पर खोला और संचालित किया जाए।

सुरक्षा और निगरानी के निर्देश

  • गिनती कक्ष में प्रवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति बिना वर्दी और सोना-चांदी जैसी कीमती वस्तुएं पहनकर प्रवेश नहीं करेगा।
     
  •  प्रवेश और निकासी के समय सुरक्षा गार्ड द्वारा नियमित तलाशी अनिवार्य।
     
  • आगंतुक रजिस्टर का सही ढंग से संधारण किया जाए।

दान गणना की प्रक्रिया

  • दानपात्र खोलने के बाद प्राप्त राशि को पहचान किए गए बॉक्स में अलग रखा जाए और समय पर गिना जाए।
     
  • सभी बोरों/बॉक्सों को क्रमवार खोला और गिना जाए, ताकि राशि का सही मिलान हो सके।
     
  • वर्तमान होल्ड कैश की पूर्ण गणना सुनिश्चित की जाए।
     
  • दान में प्राप्त वस्तुओं और अन्य सामान का पृथक विवरण तैयार किया जाए।
     
  • ट्रस्ट अधिकारियों को सौंपने के बाद सामान को लॉकर में सुरक्षित रखने का निर्देश।
     
  • नोटों की गिनती के दौरान खराब या फटे नोट अलग रखे जाएं और उपलब्ध कराई गई बोली/बैग में सुरक्षित रखे जाएं।
     
  • सिक्कों की गिनती गिनती मशीनों की सहायता से की जाए।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

  •  गिनती कक्ष में खाद्य सामग्री ले जाना प्रतिबंधित।
     
  • स्वच्छता बनाए रखने के लिए नाश्ता और भोजन कक्ष के बाहर किया जाए।
     
  • धूम्रपान, गुटखा, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित।

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