One Big Beautiful Bill: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी रहे अरबपति कारोबारी एलन मस्क के बीच रिश्ते काफी बिगड़ चुके हैं। दोनों ही एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। बयानों के तीर से एक दूसरे को बेधने की कोशिश जारी है। ट्रंप ने मस्क की कंपनियों को सरकारी ठेके और सब्सिडी खत्म करने की धमकी दी है तो वहीं मस्क ने भी जोरदार पलटवार किया है। मस्क ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग से जुड़े पोस्ट का समर्थन किया है।
एक समय में एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती बहुत गहरी मानी जाती थी। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन भी किया था। यह भी कहा जाता है कि इस चुनाव में मस्क ने ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए करीब 300 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। दोनों एक-दूसरे के काफी करीब थे लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक से दोनों एक दूसरे बिल्कुल खिलाफ हो गए। दरअसल, रिश्ते बिगड़ने की मुख्य वजह है वन ब्यूटीफुल बिल। इस लेख में हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि आखिर वन ब्यूटीफुल बिल क्या है जिससे ट्रंप और मस्क के रिश्ते बिगड़े।
'वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट' (OBBBA) 2025 एक व्यापक विधेयक है। इसे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 22 मई 2025 को 215-214 के वोट से पारित किया। इस बिल को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घरेलू नीति एजेंडे और उनके चुनावी वादों को लागू करने के लिए बनाया गया है।
जानिए इसकी खास बातें
- 2017 के टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट (TCJA) को स्थायी करना, जिसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाना और टैक्स ब्रैकेट्स कम करना शामिल है। TCJA को डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में लागू किया था।
- ओवरटाइम, टिप्स, और सामाजिक सुरक्षा आय पर नई टैक्स कटौती का प्रावधान। प्रतिवर्ष 30,000 से 80,000 डॉलर की आय वाले अमेरिकियों के लिए 15% टैक्स कटौती का प्रावधान।
- छोटे व्यवसायों और अनुसंधान व विकास (R&D) के लिए टैक्स राहत, जिससे GDP में 1.6% वृद्धि का अनुमान है
- अवैध प्रवासियों की सामूहिक देश निकाला नीति और बॉर्डर वॉल निर्माण के लिए 175 अरब डॉलर का आवंटन।
- विदेशों में पैसे भेजने (रेमिटेंस) पर 3.5% से 5% टैक्स। यह टैक्स गैर-अमेरिकी नागरिकों पर लागू होगा। इससे भारतीय-अमेरिकी समुदाय पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
- इसमें सीमा सुरक्षा और अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए खर्च में वृद्धि का प्रावधान किया है।
- अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण सीमा बढ़ाने की अनुमति, जो चूक से बचने और बिलों के भुगतान के लिए जरूरी है।
- बिल के लागू होने से 10 साल में 2.4 से 4 ट्रिलियन डॉलर तक राष्ट्रीय कर्ज बढ़ सकता है।
- मेडिऐड (Medicaid) और सप्लीमेंटल न्यूट्रिशनल असिस्टेंस प्रोग्राम (SNAP) जैसे सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों में कटौती होगी, जिससे लाखों लोग स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सहायता से वंचित हो सकते हैं।
- इस बिल में बिडेन-युग के मुद्रास्फीति कटौती अधिनियम (Inflation Reduction Act) के प्रावधानों को वापस लेने का भी प्रस्ताव है। जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी उत्पादन और सौर ऊर्जा के लिए संघीय कर प्रोत्साहन शामिल थे। इस पर भी एलन मस्क को सबसे ज्यादा आपत्ति है।
दरअसल "बिग ब्यूटीफुल बिल" का उद्देश्य टैक्स कटौती का विस्तार करना, सीमा सुरक्षा पर खर्च बढ़ाना, और कुछ सरकारी कार्यक्रमों में कटौती करना है, लेकिन इसके वित्तीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर गंभीर बहस चल रही है।
आलोचना और विवाद
एलन मस्क ने इस बिल को "घृणित" और "व्यर्थ" बताया। । उनका कहना है कि यह बिल देश के घाटे को बढ़ाएगा। मस्क ने इस DOGE (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी) के उद्देश्यों को कमजोर करने वाला बताया। उन्होंने इस बिल को रोकने का आह्वान भी किया लेकिन ट्रंप अपने फैसले पर अड़े रहे। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह बिल घाटे को कम करेगा और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। वहीं स्वतंत्र विश्लेषकों का अनुमान है कि यह अगले 10 वर्षों में संघीय घाटे में खरबों डॉलर का इजाफा करेगा।
मस्क की आलोचना से निराश ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके और मस्क के संबंध आगे भी अच्छे रहेंगे या नहीं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मस्क की बहुत मदद की थी, और अब उनका रवैया दिल दुखाने वाला है। उधर मस्क ने भी कहा कि अगर वह नहीं होते तो ट्रंप 2024 का राष्ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते। इससे नाराज होकर डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क की कंपनियों, टेस्ला और स्पेसएक्स, के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट और सब्सिडी को समाप्त करने की धमकी भी दी है।