सूरत: सूरत पुलिस को आज बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम, डीआरआई और सूरत क्राइम ब्रांच के संयुक्त ऑपरेशन में 1 करोड़ 44 लाख रुपये का हाइड्रोपेनिक ( हाइब्रिड ) गांजा बरामद किया है। यात्री बैंकॉक से आया था और उनके पास दो बैग थी। जब बैग की जांच की गई तो बैगों में खिलौने की बैग में हाइब्रिड गांजे के 8 पैकेट छुपाया था। हाइब्रिड गांजा सामान्य गांजे से अधिक शुद्ध ओर महंगा माना जाता है।
मादक पदार्थ तस्करी के इस बड़े रैकेट का सूरत पुलिस, कस्टम ओर डीआरआई की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। सूरत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए भारतीय नागरिक को 4 किलो से अधिक हाइड्रोपेनिक ( हाइब्रिड ) गांजे के साथ गिरफ्तार किया है जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ 44 लाख आंकी गई है।
सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि सूरत पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि मादक पदार्थ की स्मगलिंग सूरत एयरपोर्ट से होने वाली है। पिछले डेढ़ महीने से नजर रखी जा रही थी। कल शाम करीब 7 बजे एयर इंडिया की बैंकॉक से सूरत आई फ्लाइट से एक संदिग्ध व्यक्ति को हमारी टीम ने पकड़ा और उनके पास दो बैगों को हमने चेक किया तो एक बैग से हमे 4 किलो से ज्यादा हाइड्रोपेनिक ( हाइब्रिड ) गांजा मिला। जब हमने उनकी हैंड बैग चेक किया तो बैग के अंदर एक पर्स मिला, पर्स के अंदर से हमें दो पैकेट मिले। बच्चों के खेलने के खिलौने के अंदर से उसके अंदर से हमें 8 पैकेट मिले। जब हमने पैकेट खोलकर जांच की तो उसमें हमें 4 किलो से ज्यादा गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 1 करोड़ 41 लाख आंकी गई है।
सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि पकड़ा गया शख्स का नाम जाफर मोबाइलवाला है और मुंबई के मुंब्रा का रहने वाला है। प्राथमिक जांच में पता चला कि पिछले 3 साल में 28 बार विदेश की सफर कर चुका है। इस यात्रा के दौरान वह छह छह बार बांग्लादेश और दुबई जा चुका है। बैंकॉक और ओमान भी दो-दो बार सफर कर चुका है। साउदी अरब, बहरीन, कंबोडिया में भी ट्रैवल कर चुका है। अब तक उसके सोना, मादक पदार्थ, ई-सिगरेट जैसे अवैध कारोबार में लिप्त होने का जांच में पता चला है।
सूरत पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि जाफर मोबाइलवाला की पत्नी मूसरा बेगम भी जून महीने में बैंगलोर एयरपोर्ट पर 7 किलो से अधिक गांजे के साथ पकड़ी गई थी, जो अभी जेल में है। दोनों पति पत्नी कैरियर का काम करते हैं और उनको एक ट्रिप में करीब एक लाख रुपये मिलते थे।
जब भी जाफर अवैध तरीके से मादक पदार्थ लेकर भारत आता था तो वह देश के अलग-अलग एयरपोर्ट पर उतरता था। मादक पदार्थ लेकर जब भारत आता था तब भेजने वाला जाफर और उसकी बैग का फोटो ले लेता था। विदेश से मादक पदार्थ हिंदुस्तान में किसे देना है वह कैरियर को पता नहीं होता है। भेजने वाला कैरियर और बैग का फोटो इंडिया में जो कैरियर होता था, उन्हें भेज देता था और बता देता था कि देश के कौन से एयरपोर्ट से माल की डिलीवरी लेनी है। जैसे ही फ्लाइट एयरपोर्ट पर पहुंचती है कैरियर फोटो और बैग वाले व्यक्ति के पास पहुंचता है और कोडवर्ड में बात कर बैग लेकर चला जाता है।
पकड़ा गया आरोपी जाफर पर मुंबई के मुंब्रा पुलिस थाने में दो फरियाद भी दर्ज हुई है। सूरत पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि पुलिस में दो फरियाद दाखिल होने के बाद भी उसका पासपोर्ट कैसे बना? कोई गलत डॉक्यूमेंट के आधार पर तो उन्होंने पासपोर्ट नहीं बनाया? पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि सूरत एयरपोर्ट में मादक पदार्थ की डिलीवरी कौन लेने वाला था। बता दें कि देश में नौकरी का झांसा देकर विदेशों में युवाओं को भेजकर बंधक बनाने का मामला बढ़ रहा है। ज्यादातर किस्सों में युवाओ को बैंकॉक बुलाकर अपहरण कर कंबोडिया ओर दूसरे देशों में चाइनीज गैंग को सौंप दिया जाता है। सूरत पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं जाफर इस गैंग के साथ शामिल तो नहीं? क्योंकि वह दो बार बैंकॉक ओर एक बार कंबोडिया भी जा चुका है। पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि वह छह बार बांग्लादेश क्यों गया? वहां जाने का उनका मकसद क्या था? क्या वह कोई देश विरोधी काम तो नहीं करता था? सारे सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही पता चलेगा।
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