1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. एम्स ने लॉन्च किया सुसाइड रोकने वाला स्पेशल APP, स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद

एम्स ने लॉन्च किया सुसाइड रोकने वाला स्पेशल APP, स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद

 Written By: Vanshika Saxena
 Published : Sep 11, 2025 01:55 pm IST,  Updated : Sep 11, 2025 01:55 pm IST

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एम्स दिल्ली ने स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ को सुधारने के लिए एआई-बेस्ड ऐप 'नेवर अलोन' को लॉन्च किया है। आइए इस ऐप के बारे में जानते हैं...

मेंटल हेल्थ सुधारने वाला ऐप- India TV Hindi
मेंटल हेल्थ सुधारने वाला ऐप Image Source : FREEPIK

सुसाइड के बढ़ते मामले इस बात को साफ करते हैं कि लोग अपनी मेंटल हेल्थ की देखभाल ठीक तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। खासकर स्टूडेंट्स के बीच बढ़ते सुसाइड के मामले वाकई में चिंता का विषय हैं। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के मौके पर एम्स, दिल्ली ने 'नेवर अलोन' नाम का एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड मेंटल हेल्थ और वेलनेस प्रोग्राम शुरू किया है।

ऐप को कैसे डिजाइन किया गया?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस ऐप को कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स में सुसाइडल टेंडेंसी को कम करने के साथ-साथ मेंटल हेल्थ से जुड़ी दिक्कतों को कम करने के लिए भी डिजाइन किया गया है। एम्स दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नंद कुमार ने बताया कि ये ऐप स्क्रीनिंग, इंटर्वेंशन और पोस्ट इंटर्वेंशन के फॉलो अप पर फोकस करता है।

24x7 अवेलेबल मदद

नेवर अलोन वेब-बेस्ड, हाइली सिक्योर्ड ऐप है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये ऐप व्हाट्सऐप के जरिए 24x7 उपलब्ध है। स्टूडेंट्स को इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मेंटल हेल्थ और वेलनेस से जुड़े कंसल्टेशन मिल सकते हैं। कंसल्टेशन्स के लिए वर्चुअल और ऑफलाइन, दोनों तरह की सुविधाएं अवेलेबल हैं। इस प्रोग्राम को एम्स-भुवनेश्वर और शाहदरा स्थित आईएचबीएएस में भी शुरू किया गया है।

पॉकेट फ्रेंडली ऐप

डॉक्टर कुमार ने बताया कि इस ऐप के जरिए प्रदान की जाने वाली बेसिक मेंटल हेल्थ स्क्रीनिंग व्यक्तिगत और सुरक्षित है। ये मॉडल इतना ज्यादा किफायती है कि इसकी लागत प्रति छात्र प्रति दिन केवल 70 पैसे है। इस मॉडल का लाभ उठाने के लिए एम्स-दिल्ली से संपर्क करना होगा और इस प्रोग्राम की मेंबरशिप लेनी होगी। देश भर के सभी एम्स संस्थानों को ये सेवा निःशुल्क मिलेगी। इस ऐप की मदद से स्टूडेंट्स की मेंटल हेल्थ को सुधारकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।