'तुलसी ममता राम सों, समता सब संसार' हर कोई चाहता है कि उसका भाई, उसका बेटा, उसका पति, उसका साथी मर्यादित हो, सहनशील हो, धैर्यवान हो, स्वभाव से दयालु हो और वो मर्यादा पुरुषोत्तम राम की तरह हो। और ये जरूरी भी है क्योंकि किसी भी देश की तरक्की इस पर डिपेंड करती है कि आने वाली जेनरेशन को क्या सिखाया जा रहा है। जिन गुणों की बात कर रहे हैं, मर्यादा पुरुषोत्तम राम की तरह सोलह गुण आना तो मुश्किल है। लेकिन आज रामनवमी के मौके पर हमारी कोशिश तो यही होगी कि लोग योग का व्रत लें जीवन मर्यादित रखें, देश को सही रास्ते पर लेकर चलेंऔर इसीलिए आज हरिद्वार के हरी की पौड़ी पर खास आयोजन है।
सबके दुख हरने वाले दूसरों के लिए दया रखने वाले लोग इस देश में कैसे बढ़ें, ऐसी पौध कैसे जन्म ले। आज इस नेक काम की शुरुआत योगगुरु स्वामी रामदेव करने वाले हैं और इसके लिए रामनवमी के शुभ दिन से बेहतर कोई और मौका हो भी नहीं सकता है। इतना ही नहीं, आज रामनवमी के साथ-साथ 'सेवा और संन्यास दिवस' भी है आपको बताएं विश्व प्रसिद्द योगगुरु स्वामी रामदेव ने आज ही के दिन संन्यास की दीक्षा ली थी।
और आज अपने संन्यास दिवस पर, वो अपनी ही तरह हजारों स्वामी रामदेव इस देश को देने की शुरुआत करने वाले हैं। संन्यास का व्रत दिलवा रहे हैं, योग का पाठ पढ़ाने वाले हैं।
गिलोय-तुलसी काढ़ा
हल्दी वाला दूध
मौसमी फल
बादाम-अखरोट
आंवला-एलोवेरा जूस
दूध के साथ शतावर
दूध के साथ खजूर
दूध
ड्राई फ्रूट
ओट्स
बींस
शकरकंद
मसूर की दाल
ब्राह्मी
शंखपुष्पी
अश्वगंधा
5 बादाम, 5 अखरोट पानी में भिगोएं
अच्छे से पीसकर ब्राह्मी मिलाएं
शंखपुष्पी,ज्योतिषमति डालकर पीएं
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