कहते हैं किसी चीज को अगर शिद्दत से चाहो तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है। फिल्मी डायलॉग कई बार बड़ी आसानी से जिंदगी के गहरे रहस्य समझा देते हैं और अब तो साइंस भी इस बात को मानने लगी है। ये DIVINE POWER ही तो है जिस पर यकीन करने की जरूरत है। फिर तो वो हर चीज मुमकिन हो जाती है, जिसे पूरे मन से आप पाने की कोशिश करते हैं। और ये हवा-हवाई नहीं है, पूरी तरह से प्रूवेन है। ऐसे ही एक फ्रांसीसी साइकॉलोजिस्ट एमिल कुए हुए हैं। जिन्होंने SUB-CONSCIOUS थेरेपी डेवेलप की। इसमें वो आंखें बंद कराते थे और कहते थे एक घंटे तक बस एक ही चीज रिपीट करो 'मैं स्वस्थ हूं' हर दिन, हर तरह से, मैं बेहतर, और बेहतर होता जा रहा हूं'। दरअसल, जिस बात को हम रिपीट करते रहते हैं वो SUB-CONSCIOUS माइंड में बैठ जाती है।।और जो बात SUBCONSCIOUS में बैठ गई, वो वैसा ही रिजल्ट देती है।
मतलब ये कि आपके पास ही अपना इलाज मौजूद है इस Auto-suggestion थेरेपी के जरिए। 80% तक कैंसर पेशेंट ठीक हो जाते थे और ये तब की बात है, जब कैंसर के लिए कीमोथेरेपी नहीं थी। आधी जंग तो हम तभी जीत लेते हैं, जब ये मान लेते हैं कि जीत हमारी होगी। खासकर उन लोगों के लिए तो ये संजीवनी की तरह है जो किसी क्रिटिकल प्रॉब्लम या फिर कैंसर जैसी बीमारी की गिरफ्त में हैं। प्रॉपर मेडिकेशन के साथ अगर आप सोच पॉजिटिव रखेंगे तो किसी भी परेशानी से पार पाना मुमकिन है। अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को ही ले लीजिए 'सीरियस' प्रोस्टेट कैंसर डायग्नोस हुआ है ये कैंसर उनकी हड्डियों तक फैल गया है जबकि इससे पहले वो स्किन कैंसर की जंग जीत चुके हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स ये मानते हैं कि कैंसर बिगड़े लाइफ स्टाइल और खराब खानपान की बीमारी है। सही रुटीन, रोजाना योगाभ्यास से आप इस बीमारी को दूर रख सकते हैं। तो चलिए आज कैंसर की एंट्री पर योगिक बैरियर लगाते हैं।
सही वक्त पर कैंसर की पहचान ही इलाज
शुरुआती स्टेज में ठीक होने के चांस ज्यादा
70% लोगों का कैंसर लास्ट स्टेज में डिटेक्ट
हर 9 में से एक पर कैंसर का खतरा
फूड पाइप कैंसर-13।6%
लंग्स का कैंसर- 10।9%
पेट का कैंसर - 8।7%
ब्रेस्ट कैंसर- 14।5%
सर्विक्स कैंसर- 12।2 %
गॉल ब्लैडर कैंसर- 7।1%
पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड
ग्लैंड के अंदर टिश्यूज बढ़ना
ग्रंथि का साइज़ बढ़ने लगता है
यूरिन फ्लो में रुकावट
मोटापा
स्मोकिंग
एल्कोहल
प्रदूषण
पेस्टिसाइड
सनबर्न
व्हीटग्रास
गिलोय
एलोवेरा
नीम
तुलसी
हल्दी
प्रोसेस्ड फूड
तली-भुनी चीज़ें
रेड मीट
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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