अब सिरदर्द150 नहीं, 300 तरह के हो गए हैं और ये बात खुद हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग ने कही है। और टेंशन तो इस बात की है कि उनमें से सिर्फ 10% हेडेक का ही लोगों को पता होता है कि वो क्यों हो रहे हैं। अब इतने तरह के हेडेक में आम इंसान कैसे याद रखे कि उसका सिर किस वजह से दुख रहा है। हाई बीपी से, कोल्ड से, साइनस से, तेज़ लाइट से, ज़्यादा शोर या फिर किसी की बातों से। आजकल तो गर्मी के मौसम भी सिरदर्द दे रहा है। गर्मी में डिहाइड्रेशन होने या पाचन खराब होने से भी हेडेक होता है और तो और बढ़ते तापमान में सिरदर्द हीट स्ट्रोक का भी लक्षण हो सकता है।
ये वाला हेडेक तो मामूली होता है जो कई बार सिर्फ पानी पीने से भी दूर हो जाता है लेकिन हर सिरदर्द को मामूली समझने की गलती बिल्कुल ना करें। जैसे माइग्रेन इसमें सिर के आधे हिस्से में बेइंतहा दर्द होता है जो मौसम में होते बदलाव से भी ट्रिगर हो जाता है। स्टडी तो ये भी कहती है कि माइग्रेन होने से हार्ट अटैक का खतरा भी 42% तक बढ़ जाता है और क्लस्टर हेडेक में तो इतना दर्द होता है कि दर्द से निजात पाने के लिए इंसान खुदकुशी तक करने की सोचने लगता है। ऐसे विचार किसी के मन में ना आए।।उसके लिए करना ये है कि मर्ज़ को बढ़ने से पहले ही रोक दिया जाए और उसके लिए ज़रूरी है योग-ध्यान-प्राणायाम किया जाए।
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