यूरिक एसिड का स्तर जब शरीर में बढ़ जाता है, तो इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और गाउट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस स्थिति में खानपान पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है, क्योंकि कुछ खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में ऐसे हैं मूंगफली को लेकर अक्सर लोगों में भ्रम रहता है, यूरिक एसिड के मरीज मूंगफली खा सकते हैं या नहीं? ब्लूम क्लिनिक में आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं पोषण विशेषज्ञडॉ. अंजना कालिया बता रही हैं कि यूरिक एसिड के मरीजों को इसका सेवन करना चाहिए या नहीं?
पोषक तत्वों से भरपूर है मूंगफली:
मूंगफली में प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन ई और कुछ जरूरी मिनरल्स होते हैं। यह एक पोषक तत्वों से भरपूर स्नैक है। हालांकि, यूरिक एसिड के रोगियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक हो। प्यूरीन शरीर में जाकर यूरिक एसिड में बदलती है।
सीमित मात्रा में करें सेवन:
अच्छी बात यह है कि मूंगफली में प्यूरीन की मात्रा बहुत अधिक नहीं होती। यह एक मॉडरेट प्यूरीन फूड की श्रेणी में आती है। इसलिए, यदि आप सीमित मात्रा में मूंगफली खाते हैं जैसे कि एक मुट्ठी (लगभग 20-30 ग्राम) तो यह आमतौर पर हानिकारक नहीं होती।
तली हुई या नमक लगी मूंगफली से बचना चाहिए
हालांकि, तली हुई या नमक लगी मूंगफली से बचना चाहिए, क्योंकि यह सूजन और ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है। इसके बजाय, भुनी हुई या कच्ची मूंगफली बेहतर विकल्प है। साथ ही, यदि किसी को पहले से ही जोड़ों में बहुत अधिक सूजन, दर्द या गाउट का अटैक हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लिए बिना मूंगफली का सेवन न करें।
यूरिक एसिड के मरीज मूंगफली खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में और सही रूप में। संतुलित आहार और नियमित जांच के साथ मूंगफली का सेवन हानिकारक नहीं बल्कि फायदेमंद भी हो सकता है, बशर्ते उसे संयम से खाया जाए। यदि आपको कोई पुरानी बीमारी या अन्य मेडिकल कंडीशन है, तो डॉक्टर की राय जरूर लें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।