आजकली की तेजी से दौड़ती भागती लाइफस्टाइल में लोगों की मेन्टल हेल्थ बुरी तरह प्रभावित हो रही है। काम का प्रेशर, एक दूसरे से आगे बढ़ने की होड़, जलन, सफलता, असफलता जैसी चीज़ों की वजहों से लोग ज़्यादा स्ट्रेस लेते हैं और धीरे-धीरे अवसाद में चले जाते हैं यानी कुल मिलाकर कहें तो मेन्टल हेल्थ प्रभावित होने से लोग अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं। एंजाइटी और पैनिक अटैक से ग्रसित लोगों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं एंजाइटी और पैनिक अटैक ये दोनों ही कंडीशन एक दूसरे से बहुत अलग हैं। सबसे पहले तो ये जान लीजिये कि एंजाइटी और पैनिक अटैक ये दोनों कंडीशनिंग एक दूसरे से बेहद अलग है। चलिए हम आपको बताते हैं कि एंजाइटी और पैनिक अटैक में क्या अंतर् है।
एंजाइटी अटैक आने के पीछे कोई बहुत बड़ी तकलीफ और दर्द छुपा होता है। बहुत ज़्यादा चिंता और तनाव लेने की वजह से एंजाइटी अटैक का समना करना पड़ता है। कई बार दिमाग की मांसपेशियों में तनाव होने की वजह से भी अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोई बड़ा हादसा, कोई बुरा अनुभव या फिर कोई गंभीर परिस्थति जैसे कारणों से एंजाइटी अटैक आने की सम्भावना बढ़ जाती है।
वहीं दूसरी तरफ पैनिक अटैक अचानक से आता है। पैनिक अटैक बहुत बेहद तेज़ होता है। कई बार यह किसी अपने को खोने के डर से भी आ जाता है। यानी यह एक तरह से किसी फोबिया जैसा है। पैनिक अटैक किसी को भी कहीं भी आ सकता है।
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