क्या आपको भी बिस्तर से ज्यादा फर्श पर लेटना पसंद है ? अगर ऐसा है और आप रोज कुछ देर फर्श पर लेटते हैं तो समझ लीजिए--आपने एक अच्छी आदत डाल ली है क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक--इससे शरीर को आराम मिलता है। आप तुरंत रिचार्ज महसूस करते हैं जिसका सबसे ज्यादा फायदा मांसपेशियों को मिलता है। तरीका कोई भी हो मसल्स को रिलैक्स करना बहुत जरूरी है क्योंकि भागदौड़ भरी जिंदगी हो या फिर अनहेल्दी लाइफस्टाइल इसका सबसे ज्यादा नुकसान muscular system को ही सहना पड़ता है। नतीजा अब यंग एज में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की परेशानी शुरू हो रही है। मसल्स टूट रहे हैं कमजोर हो रहे हैं।'सार-को-पेनिया' की बीमारी को ही ले लीजिए। इसमें भी तो तेजी से मसल्स लॉस होता है पेशेंट उम्र से पहले बूढ़ा दिखने लगता है। कमजोरी इस हद तक आ जाती है कि बोतल का ढक्कन तक आसानी से नहीं खोल पाते। अब तो शुगर के मरीजों में भी 'सार-को-पेनिया' के मामले सामने आने लगे हैं।
AIMS की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक--20 से 60 साल के टाइप-2 डायबिटीज पेशेंट का 'डायनेमो-मीटर' टेस्ट किया गया। हाथ की ग्रिप पावर, फिजिकल परफॉर्मेंस के जरिए ये पता चला कि 41 से 50 साल के 48% शुगर पेशेंट 'सार-को-पेनिया' की गिरफ्त में हैं। इतना ही नहीं 31 से 40 साल के 20% डायबिटिक का मसल्स कमजोर हो रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को ये बीमारी है जो अगले 40 साल में करीब 20 करोड़ लोगों को अपना शिकार बना लेगी और अफसोस इस बात का है कि इसके मरीजों की गिनती में भारत नंबर वन है तो चलिए आज बाबा रामदेव के ज़रिये मांसपेशियों की तमाम परेशानी को दूर करते हैं मसल्स के साथ बॉडी स्ट्रांग बनाते हैं।
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