Rheumatoid Arthritis Awareness Day 2024: रूमेटाइड अर्थराइटिस या रुमेटीइड गठिया एक ऐसी बीमारी है जो कि समय के साथ आम होती जा रही है। इस बीमारी के सही कारणों के बारे में बहुत कम ही लोग जान पाए हैं। पर ये बीमारी धीमे-धीमे आपको उस स्थिति में ला देती है कि आपका चलना-फिरना तक मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस के बारे में जानना चाहिए और इस पूरी स्थिति को समझना चाहिए। ताकि आप इसके कारणों और लक्षणों को समझते हुए बचाव के कुछ उपायों को आजमा सकें।
रूमेटाइड अर्थराइटिस जोड़ों में सूजन और दर्द का कारण बनता है। यह तब होता है जब प्रतिरक्षा प्रणाली यानी कि अपना इम्यून सिस्टम ठीक से काम नहीं करती है और जोड़ों की परत, जिसे सिनोवियम (synovium) कहा जाता है, पर हमला करती है। आमतौर पर ये बीमारी हाथों, घुटनों या टखनों को प्रभावित करती है। खास बात ये है कि इस बीमारी मेंआमतौर पर शरीर के दोनों तरफ एक ही जोड़ प्रभावित रहती है, जैसे कि दोनों हाथ या दोनों घुटने। लेकिन कभी-कभी ये शरीर के अन्य हिस्सों, जैसे आंखें, दिल, ब्लड सर्कुलेशन और फेफड़ों में भी समस्याएं पैदा करती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस में सबसे ज्यादा ध्यान आपको इम्यून सिस्टम पर हमला करने वाले बैक्टीरिया और वायरस पर देना है। आरए जैसी ऑटोइम्यून बीमारी में इम्यून सिस्टम शरीर की कोशिकाओं पर विदेशी आक्रमणकारी समझ लेती है और सूजन वाले रसायन छोड़ती है जो उन कोशिकाओं पर हमला करते हैं। इस बीमारी में इम्यून सिस्टम सिनोवियम पर हमला करती है और फिर जोड़ों में सूजन पैदा होती है।

-6 हफ्ते से ज्यादा रहने वाली जोड़ों की समस्या
-सुबह लगभग 30 मिनट तक जोड़ों में अकड़न रहना
-कुछ ज्वाइंट्स जैसे कि कलाई, हाथ और पैरों में दर्द।
तो, इन 3 लक्षणों पर बाकी लक्षणों की तुलना ज्यादा ध्यान दें और जैसे ही ये महसूस हो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं और टेस्ट के लिए जाएं। कोशिश करें कि जल्द से जल्द अपना इलाज शुरू करवाएं।
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