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World Thrombosis Day: पैरों में रहने लगी है सूजन, दर्द से हो गए हैं परेशान, कहीं हो तो नहीं गई ये गंभीर बीमारी

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Oct 13, 2025 07:10 am IST,  Updated : Oct 13, 2025 07:23 am IST

आपके पैरों में भी सूजन आने लगी है और लगातार दर्द हो रहा है तो हो सकता है कि आप थ्रोम्बोसिस से पीड़ित हैं। यह ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त वाहिका के अंदर रक्त का थक्का बन जाता है, जिससे रक्त प्रवाह रुक जाता है।

थ्रोम्बोसिस - India TV Hindi
थ्रोम्बोसिस Image Source : UNSPLASH

अगर आपके पैरों में भी अचानक सूजन, दर्द और गर्माहट महसूस हो रही है तो यह थ्रोम्बोसिस के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। बता दें। थ्रोम्बोसिस, एक ऐसी बीमारी है जो अक्सर पैरों में सूजन, दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं का कारण बनती है। अगर यह स्थिति अनदेखी की जाए, तो यह जीवन के लिए खतरनाक भी हो सकती है। खासकर उन लोगों में, जो लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहते हैं या किसी तरह की शारीरिक गतिविधि से दूर रहते हैं, उन्हें इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 13 अक्टूबर को थ्रोम्बोसिस दिवस मनाया जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं थ्रोम्बोसिस के लक्षण क्या हैं और बचाव के लिए क्या करना चाहिए?

क्या है थ्रोम्बोसिस?

थ्रोम्बोसिस एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें रक्त वाहिका (blood vessel) के अंदर रक्त का थक्का बन जाता है जिसे थ्रोम्बस कहते हैं। इस वजह से रक्त प्रवाह रुक जाता है। यह थक्का नसों या या धमनी के थक्के के रूप में जमने लगता है जो शरीर के लिए घातक है। यह थक्का टूटकर शरीर में कहीं और जा सकता है, जिससे स्ट्रोक या हार्ट अटैक का सामना करना पड़ सकता है।

थ्रोम्बोसिस के कारण

  • सर्जरी या गंभीर दुर्घटना के बाद नसों या धमनियों में चोट लगना

  • लंबे समय तक बैठे रहना या बिस्तर पर आराम करना

  • कुछ दवाएं

थ्रोम्बोसिस के लक्षण

  • एक पैर में दर्द, सूजन या लालिमा

  • सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ

  • शरीर के एक तरफ सुन्नपन या कमजोरी 

  • पेशाब कम आना या पेशाब में खून आना

  • पैरों में बहुत ज़्यादा दर्द 

क्या है बचाव के उपाय?

थ्रोम्बोसिस से बचाव करने के लिए व्यायाम करें और धूम्रपान से बचें। हर दिन कम से कम 20 मिनट टहलना रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है। तैराकी जैसे कम प्रभाव वाले व्यायाम भी फायदेमंद हैं। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें। यदि ऐसा करना ज़रूरी हो, तो हर घंटे उठकर टहलें या अपने पैरों और पंजों को हिलाएं-डुलाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। कुछ मामलों में डॉक्टर कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने की सलाह दे सकते हैं। अगर आपको थ्रोम्बोसिस का संदेह है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वे स्थिति का निदान करने और उचित उपचार की सलाह देने में मदद करेंगे। 

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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