नयी दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि भारत सरकार ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिलों के लिए 50 हजार मकान बनाने का वादा किया था जिनमें 46 हजार मकान तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही उन्हौंने इस बात से इंकार किया कि भारतीय मूल के तमिलों के लिए बनाए गए ऐसे घर सिंघली लोगों को दे दिए गए हैं। राज्यसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के सवाल में सुषमा स्वराज ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर लोगों की सूची बनाते हैं और इसके अलावा भारतीय उच्चायोग योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करता है। सुषमा ने कहा कि योजना का कार्यान्वयन करते हुए बाद के चरण में मॉडल में बदलाव किया गया और विस्थापितों को मकान बनाकर देने के बदले उन्हें इसके लिए पैसे दिए गए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने विस्थापित तमिलों को पैसा दिया है, न कि सिंघली लोगों। उन्होंने कहा कि भारत सरकार श्रीलंका के साथ विभिन्न स्तर पर भारतीय मछुआरों से जुड़ा मुद्दे उठाती रहती है। सुषमा ने विस्थापित तमिल लोगों की जमीनें चली गयी थीं और श्रीलंका सरकार ने उन्हें जमीन देने की प्रक्रिया शुरू की है तथा काफी जमीन दे भी दी गयी है।