नई दिल्ली। चंद्रयान-2 को ले जाने वाले भारत के भारी रॉकेट का प्रक्षेपण 15 जुलाई को तड़के किए जाने के लिए उल्टी गिनती सुचारु रूप से चल रही है। इसरो का यह अभियान साल 2008 में प्रक्षेपित चंद्रयान-1 की ही अगली कड़ी है। इसरो के मुताबिक इस अभियान का उद्देश्य चंद्रमा की उत्पत्ति और क्रमिक विकास को समझने के लिये विस्तृत अध्ययन करना है। आइए आपको बताते हैं चंद्रयान-2 से भारत को होंगे क्या फायदे।
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1. ब्रह्मंड के गहरे रहस्य होंगे उजागर
इसरो के मुताबिक चंद्रयान-2 सौर मंडल के बारे में कुछ बुनियादी सवालों के सुराग उपलब्ध कराएगा, जो कि चंद्रमा के क्रेटरों, पहाड़ियों और घाटियों में छिपे हैं। इनका अध्ययन इसरो को ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने में मदद करेंगे।
2. जनता से जुड़ाव
चंद्रयान 2 पूरे देश को प्रेरित करेगा और युवाओं को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के वास्तविक जीवन के अनुप्रयोगों को समझने के लिए प्रेरित करेगा - मनुष्य और समाज की समस्याओं को सुलझाने में किसी से पीछे नहीं रहेगा।
3.इनोवेशन के प्रति प्रेरित करेगा
युवाओं को मिलने वाली बड़ी चुनौतियां न सिर्फ इनोवेशन को बढ़ाएगी बल्कि भविष्य के अनुसंधान और विकास को गति मिलेगी।.
4. अंतरिक्ष में बढ़ेगी भारत की धमक
चंद्रमा पर यह मिशन भविष्य की के अंतरिक्ष अन्वेषण के साथ-साथ इन-सीटू संसाधन उपयोग के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों को साबित करने के लिए एक बेहतर परीक्षण मंच है।
5. आर्थिक संभावनाओं का पता लगेगा
उद्योग हमेशा इसरो के अंतरिक्ष कार्यक्रम में भागीदार रहा है और भविष्य में गठबंधन को मजबूत करने के लिए बड़े अवसर हैं। इस मिशन के चलते भविष्य में निजी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवसर पैदा होंगे।
6. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की साझा आकांक्षा में सहयोग
ब्रह्मांड के रहस्यों की खोज और उन्हें उजागर करने में भारत एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता होगा, जो वैश्विक समुदाय द्वारा साझा की गई एक आकांक्षा है।