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भारत-चीन के बीच फ्लैग लेवल की मीटिंग रही बेनतीजा, भारत ने सैनिकों की संख्या बढ़ाई

Edited by: India TV News Desk Published : Aug 12, 2017 11:10 am IST, Updated : Aug 12, 2017 11:10 am IST

इस बैठक से पहले आठ अगस्त को दोनों पक्षों के ब्रिगेड कमांडरों की बैठक हुई थी। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा, बैठक बेनतीजा रही क्योंकि चीनी पक्ष ने डोकलाम से भारतीय सैनिकों की तत्काल वापसी पर जोर डाला। स्थानीय मुद्दों के समाधान तथा इस संवेदनशील सीमा

Doklam standoff- India TV Hindi
Doklam standoff

नयी दिल्ली: भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने आज सिक्किम के नाथुला पहाड़ी दर्रे में फ्लैग मीटिंग की और डोकलाम गतिरोध पर विस्तार से चर्चा की लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के मेजर जनरल स्तर के अधिकारियों की सीमा प्रहरी बैठक :बीपीएम: में भारत ने इस बात पर बल दिया कि भारत और चीन द्वारा एक साथ सैनिकों की वापसी के मार्फत इस टकराव को सुलझाया जा सकता है। ये भी पढ़ें: ‘23 सितम्बर को धरती से टकराएगा ग्रह, वो होगा विनाश का दिन’

इस बैठक से पहले आठ अगस्त को दोनों पक्षों के ब्रिगेड कमांडरों की बैठक हुई थी। एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने कहा, बैठक बेनतीजा रही क्योंकि चीनी पक्ष ने डोकलाम से भारतीय सैनिकों की तत्काल वापसी पर जोर डाला। स्थानीय मुद्दों के समाधान तथा इस संवेदनशील सीमा पर अमन और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने बीपीएम व्यवस्था शुरु की थी।

दोनों पक्षों ने पांच बिंदुओं पर बीपीएम की। ये बिंदु उत्तरी लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी, अरूणाचल प्रदेश में किबिथू, लद्दाख में चुशुल और अरूणाचल प्रदेश के तवांग के समीप बुम ला और सिक्किम नाथुला हैं। भारत और चीन सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में करीब आठ हफ्ते से आमने सामने हैं। यह स्थिति तब पैदा हुई जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सेना को उस क्षेत्र में सड़क बनाने से रोक दिया।

सिक्किम-अरुणाचल में चीन बॉर्डर पर भारत ने सैनिकों की संख्या बढ़ाई

वहीं सामरिक तौर पर अहम कदम उठाते हुए भारत ने सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश से लगी चीन की सीमा के आसपास के समूचे इलाके में और ज्यादा सैनिकों की तैनाती की है। वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने आज यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सैनिकों के चौकसी के स्तर को भी बढ़ा दिया गया है। डोकलाम पर भारत के खिलाफ चीन के आक्रामक अंदाज के मद्देनजर और गहन विश्लेषण के बाद सिक्किम से लेकर अरूणाचल प्रदेश तक भारत-चीन की करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा के पास के इलाकों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया गया।

भारतीय थलसेना के सुकना स्थित 33 कोर के साथ-साथ अरूणाचल और असम स्थित 3 और 4 कोर को पूर्वी क्षेत्र में भारत-चीन की संवेदनशील सीमा की रक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।अधिकारियों ने तैनात किए गए सैनिकों का कोई आंकड़ा या तैनाती में हुई बढ़ोत्तरी का प्रतिशत बताने से इनकार करते हुए कहा कि वे ऑपरेशन से जुड़े ब्यौरे का खुलासा नहीं कर सकते। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, स्थानीय मौसम से तालमेल बिठाने की प्रक्रिया पूरी कर चुके जवानों सहित करीब 45,000 जवानों को हर वक्त सीमा पर तैयार रखा जाता है, लेकिन जरूरी नहीं है कि उन्हें तैनात किया ही जाए।

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