नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मदरसों को लेकर बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। केन्द्र सरकार की एक रिपोर्ट में ये सामने आया है कि बंगाल के कुछ मदसरों में बारूदी साजिश रची जा रही है। जमात-उल-मुजाहिद्दीन जैसे संगठन आंतक की नई साजिश रच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल में तेजी से टेरर नेटवर्क फैल रहा है। यहां आतंकियों की फौज तैयार की जा रही है। इसके लिए दहशतगर्द मदरसों का इस्तेमाल कर रहे हैं और खूनी खेल खेलने का नापाक प्लान तैयार हो रहा है।
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पश्चिम बंगाल में आतंकी साजिश को लेकर ये चौंका देने वाला खुलासा केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट से हुआ है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेश के आतंकी संगठन पश्चिम बंगाल के मदरसों का इस्तेमाल अपने नापाक इरादों के लिए कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बंगाल में टेरर साजिश के पीछे जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश है। आतंकी संगठन बंगाल के मदरसों का इस्तेमाल कर आतंकियों की भर्ती कर रहा है।
बता दें कि जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश से ऑपरेट करता है। इसके आतंकी जिहाद के जरिए बंग्लादेश में शरिया राज लाना चाहते हैं। जुलाई 2016 में बांग्लादेश की राजधानी ढाका के कैफे में आतंकी हमला हुआ था जिसके पीछे इसी आतंकी संगठन को जिम्मेदार माना जाता है। 2 अक्टूबर 2014 को बर्धमान में जो धमाका हुआ था उसके पीछे भी जेएमबी का हाथ था। 19 जनवरी 2018 में बिहार के बोधगया में हुए ब्लास्ट के तार भी इसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।
अब जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के टारगेट पर हिंदुस्तान है। ये टेरर ग्रुप अब भारत में पैर पसारना चाहता है। आरोप है कि इसके लिए वो बंगाल के बर्धमान, मुर्शिदाबाद, मालदा और नादिया के मदरसों और मस्जिदों का इस्तेमाल कर आतंकियों की भर्ती कर रहे हैं। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी संगठन ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर टेरर कैंप बना लिए हैं। शक है कि इन कैंपों में लश्कर-ए-तोयबा के आतंकी भी मौजूद हैं। खतरनाक आतंकी संगठन पश्चिम बंगाल के साथ साथ असम, त्रिपुरा और दक्षिण भारत में भी अपना नेटवर्क फैलाना चाहता है।
पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में जमात उल मुजाहिद्दीन के स्लीपर सेल एक्टिव है। पिछले साल फरवरी में मुर्शिदाबाद में जेएमबी का एक ऑपरेटिव पकड़ा गया था। इससे पहले पुलिस भी कई जेएमबी आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बीजेपी इसके लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कसूरवार बता रहा है। वहीं विपक्ष के हमलों से बैकफुट पर आई ममता सरकार ने गृह मंत्रालय की रिपोर्ट पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में चर्चा करने का फैसला किया है।