नई दिल्ली: कश्मीर के बारामूला में सीआरपीएफ जवानों की जांबाजी देखने को मिली है। यहां पानी के तेज बहाव में एक बच्ची बही जा रही थी जिसकी आवाज पेट्रोलिंग करते सीआरपीएफ जवानों के कानों में जैसे हीं पड़ी वो उसको बचाने दौड़ पड़े। पानी का बहाव इतना तेज था कि 14 साल की बच्ची नगीना को बचाने वाले 176वीं बटालियन के जवान कॉन्स्टेबल एमजी नायडू भी बहने लगा।
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कोई चट्टान के ऊपर से लड़की की दिशा बता रहा था, कोई आगे भाग रहा था, कोई तैरते हुए पीछा कर रहा था। सब मिलकर लड़की को बचाने में जुट गए। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सीआरपीएफ के जवान समझ ही नहीं पा रहे थे कि उसे कैसे रोका जाए और वक्त भी इतना कम था कि फैसला सेकेंडों में करना था। घाटी में लोग जिन जवानों पर पत्थर बरसाते हैं उन्हीं जवानों ने ह्यूमन चेन बनाकर बच्ची को सुरक्षित निकाल लिया।
बताया जा रहा है कि ये बच्ची नदी किनारे कपड़े धो रही थी और अचानक उसका पैर फिसल गया। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और सीआरपीएफ के दो जवानों ने अपनी जान पर खेलकर इस बच्ची की जान बचाई जिसके बाद इन दोनों जवानों को सम्मानित किया गया।