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किसानों के समर्थन में उतरे लेफ्ट कार्यकर्ता, बिना इजाजत प्रदर्शन के लिए मंडी हाउस पहुंचे

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 03, 2021 01:41 pm IST,  Updated : Feb 03, 2021 02:51 pm IST

लेफ्ट के कार्यकर्ता बिना इजाजत लिए प्रदर्शन करने मंडी हाउस पहुंच गए। मंडी हाउस पर पुलिसकर्मियों ने लेफ्ट कार्यकर्ताओं को यह समझाने की कोशिश की कि धारा मंडी हाउस इलाके में 144 लागू है और वहां प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।

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किसानों के समर्थन में उतरे लेफ्ट कार्यकर्ता, बिना इजाजत प्रदर्शन के लिए मंडी हाउस पहुंचे Image Source : INDIA TV

नई दिल्ली: किसानों आंदोलन के समर्थन में लेफ्ट के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। लेफ्ट के कार्यकर्ता बिना इजाजत लिए किसानों के समर्थन में आज मंडी हाउस पर प्रदर्शन के लिए पहुंच गए। मंडी हाउस पर धारा 144 लागू है और वहां पर किसी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। 

उधर, सरकार ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर चल रहे किसानों के आंदोलन की वजह से दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के लोगों को असुविधा हो रही है तथा उन्हें एवं सरकारी खजाने को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के काफिलों ने 26 जनवरी को बलपूर्वक दिल्ली आने की कोशिश की और इसके लिए उन्होंने पुलिस के अवरोधक भी अपने ट्रैक्टरों की मदद से तोड़ डाले। रेड्डी ने कहा ‘‘उन्होंने आक्रामक रुख अपनाया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और लोकसेवकों को अपना दायित्व निर्वाह करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग किया जिससे ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।’’

 गृह राज्य मंत्री ने कहा ‘‘दिल्ली पुलिस ने सूचित किया है कि राष्ट्रीय राजधानी की गाजीपुर, चिल्ला, टीकरी और सिंघू सीमाएं किसानों के आंदोलन की वजह से बाधित हैं और इसकी वजह से दिल्ली और आसपास के राज्यों के लोगों को असुविधा हो रही है। किसी भी तरह के आंदोलन से लोगों को और सरकार को आर्थिक नुकसान होता है।’’ उन्होंने कहा कि किसानों और प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया और कोरोना वायरस महामारी के बावजूद ये लोग बिना मास्क पहने बड़ी संख्या में एकत्र हुए। 

रेड्डी ने कहा ‘‘प्रदर्शनकारियों ने जो किया उसके बाद दिल्ली पुलिस के पास भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले , पानी की धार छोड़ने और हल्का बल प्रयोग करने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं था।’’ उन्होंने इस बात से इंकार किया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय ने किसानों के आंदोलन को मानवीय आधार पर सहयोग देने के कारण करीब 40 लोगों को समन जारी किया है। रेड्डी ने यह भी बताया कि किसानों की चिंता के समाधान के लिए सरकार ने किसान नेताओं के साथ 11 दौर की बातचीत की लेकिन इसमे कोई हल नहीं निकल पाया। 

 

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