तिरवनंतपुरम: हमारे देश में मंदिरों ख़ासकर प्रसिद्ध मंदिरों में दान के रुप में पैसा आता है वो कई राज्यों के वार्षिक बजट के बराबर होता है। मंदिरों का का राजस्व दान पात्र में आने वाली राशि और प्रसाद की बिक्री से तय होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सबरीमाला में भगवान अयप्पा मंदिर का 2016-17 के दौरान कुल राजस्व संग्रहण 243.69 करोड़ रपये रहा। ये जानकारी राज्य के देवोस्वम मंत्री कडकमपल्ली सुरेन्द्रन ने विधानसभा में आज यह जानकारी दी।
सुरेन्द्रन ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि इस अवधि के दौरान हुंडी (दान पात्र) का संग्रहण 89.70 करोड़ रपये रहा, जबकि मंदिर में चढ़ाये जाने वाले प्रसाद अप्पम की बिक्री से उसने 17.29 करोड़ रपये अर्जित किये।
ग़ौरतलब है कि नवंबर से जनवरी माह के त्यौहारी सत्र के दौरान देश भर से लाखों श्रद्धालु पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में दर्शन के लिये आते हैं।
मंत्री ने बताया कि तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक उन्नति की पहल के तहत केन्द्र ने गुरवायूर मंदिर के विकास के लिये 46.14 करोड़ रपये आबंटित किये हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल के क्रियान्वयन का दायित्व केरल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के पास है और वह इस योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्यो का निष्पादन करेगा।