एक स्थानीय हिंदू संगठन के नेता कमलेश तिवारी की शुक्रवार को लखनऊ में दो लोगों द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपियों की जांच करने और उन्हें पकड़ने के लिए एक विशेष कार्यबल का गठन किया है। तिवारी को गोली मारी गई, चाकू से वार किया गया, और हत्यारों ने उनका गला भी रेत दिया। ताजा खबरों में कहा जा रहा है कि गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते ने सूरत में इस मामले में तीन संदिग्धों को पकड़ा है, जबकि दो हत्यारों को गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
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कमलेश तिवारी ने हिंदू समाज पार्टी नाम से एक राजनीतिक संगठन की स्थापना की थी। कुछ समय पहले उन्होंने इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करके विवाद को जन्म दिया था। बिजनौर के दो मौलवियों ने 2008 में उनके सिर पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम रखा था। इस हत्या के बाद लखनऊ में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और सोशल मीडिया पर भी नाराजगी जताई गई।
उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह ने सभी एंगल्स से हत्या की जांच करने का वादा किया है, और हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने डीजीपी और डीएम से बात की है और उन्हें त्वरित कार्रवाई करने को कहा है।
मैं सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जता रहे सभी लोगों से धैर्य रखने और पुलिस की जांच के नतीजों का इंतजार करने की अपील करता हूं। यह सच है कि कमलेश तिवारी के खिलाफ कई मामले लंबित थे और उन्हें अपनी जान को खतरा था। कुछ लोग निहित स्वार्थों के चलते इस जघन्य हत्या के बाद सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उनके मंसूबों से सावधान रहना चाहिए और पुलिस की जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। (रजत शर्मा)
देखिए, 'आज की बात' रजत शर्मा के साथ, 18 अक्टूबर 2019 का पूरा एपिसोड