नई दिल्ली: परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता को लेकर समर्थन हासिल करने के लिए विदेश सचिव एस. जयशंकर ने चीन का दौरा किया, जो भारत को एनएसजी का सदस्य बनाए जाने का विरोध कर रहा है। जयशंकर का चीन दौरान दक्षिण कोरिया के सियोल में प्रस्तावित 48 सदस्यीय एनएसजी की बैठक से ठीक पहले हुआ। विदेश सचिव के इस अघोषित चीन दौरे की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, "विदेश सचिव अपने चीनी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए 16 से 17 जून तक चीन में रहे। इसमें एनएसजी में भारत की सदस्यता सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर बातचीत की गई।"
जयशंकर की चीनी नेताओं से मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद दौरे से पहले दौरा हुआ है। मोदी ताशकंद में 23 जून को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं। इस दौरान इस मुद्दे को उठाए जाने की संभावना है। सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान को चीन के नेतृत्व वाले एससीओ में आधिकारिक तौर पर शामिल किया जाना है।