1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. झारखंड में कल से खुल रहे देवघर-मां छिन्नमस्तिका सहित अन्य मंदिर, दिशा-निर्देश जारी

झारखंड में कल से खुल रहे देवघर-मां छिन्नमस्तिका सहित अन्य मंदिर, दिशा-निर्देश जारी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Oct 07, 2020 07:52 pm IST,  Updated : Oct 07, 2020 07:52 pm IST

करीब सात महीने के अंतराल के बाद झारखंड में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर गुरुवार से खुल जाएंगे। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने 1 अक्टूबर को मंदिरों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

Temples in Jharkhand to open from Thursday- India TV Hindi
Temples in Jharkhand to open from Thursday Image Source : PTI

रांची: करीब सात महीने के अंतराल के बाद झारखंड में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर गुरुवार से खुल जाएंगे। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने 1 अक्टूबर को मंदिरों को खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। राज्य सरकार ने कुछ प्रतिबंधों के साथ दुर्गा पूजा मनाने की भी अनुमति दी है। अधिकारियों ने राज्य के महत्वपूर्ण मंदिरों का दौरा किया और भक्तों के लिए दिशानिर्देश जारी किए। 

Related Stories

रामगढ़ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बुधवार को मां छिन्नमस्तिका मंदिर का दौरा किया और मंदिर को फिर से खोलने की तैयारियों को लेकर समीक्षा की। मां छिन्नमस्तिका मंदिर देश के 52 शक्तिपीठों में से एक है।

दिशानिर्देशों के अनुसार, मास्क के बिना किसी भी भक्त को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और भक्त को अपने साथ सैनिटाइजर ले जाना होगा। वहीं एक वक्त में सिर्फ पांच भक्तों को ही गर्भ गृह में जाने की अनुमति दी जाएगी। 

सुबह की प्रार्थना के बाद मंदिर खोला जाएगा। मंदिर परिसर में एक समय में अधिकतम 100 लोगों को अनुमति दी जाएगी, जबकि परिसर में प्रवेश के लिए कतार में सिर्फ 150 भक्तों को ही अनुमति दी जाएगी।

शिव मंदिर में भक्तों को शिवलिंग को छूने की अनुमति नहीं होगी। लोगों को सिर्फ 'अर्ध्य' प्रणाली के माध्यम से दूर से जल चढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।

वहीं देवघर का शिव मंदिर पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खोला गया था। देवघर मंदिर में पूजा करने के लिए एक समय में सिर्फ 100 भक्तों को अनुमति दी जाती है। यह शिवलिंग 12 ज्योर्तिलिगों में से एक है। राज्य में जगह-जगह कोविड -19 प्रोटोकॉल के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा।

राज्य सरकार के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि दुर्गा पूजा विशेष रूप से चयनित छोटे पंडाल में भी की जा सकती है, जहां यह पूजा पारंपरिक रूप से होती आ रही है। पूजा में जन-भागीदारी की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, इन पंडालों का निर्माण किसी भी थीम पर आधारित नहीं होगा।

मूर्ति चार फीट से अधिक ऊंची नहीं होगी। आदेश में कहा गया है कि पूजा पंडाल के आस-पास के क्षेत्र में कोई सजावट या लाइटिंग व्यवस्था नहीं होगी और न ही पूजा पंडालों में और इसके आसपास द्वार या तोरणद्वार बनाए जाएंगे। पंडाल में मूर्ति वाले स्थान को छोड़कर पूरा पूजा पंडाल पूरी तरह हवादार होगा। दुर्गा पूजा पंडाल और उसके आसपास खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं होगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत