सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने जस्टिस जे.बी. पारदीवाला की बेंच में एक बड़ा फेरबदल किया है, जिसके पीछे उनके द्वारा दिए गए दो हालिया विवादित आदेशों को मुख्य वजह माना जा रहा है। इन फैसलों ने न केवल कानूनी हलकों में बल्कि आम जनता के बीच भी तीखी बहस छेड़ दी थी।
पहला विवाद: इलाहाबाद HC के जज का मामला
पहला मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ा था। जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने एक आदेश पारित करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक जज को आपराधिक मामलों की सुनवाई से रोक दिया था और यह भी निर्देश दिया था कि उन्हें किसी सीनियर जज के साथ बैठाया जाए। इस आदेश पर भारी विवाद हुआ, जिसके बाद चीफ जस्टिस गवई को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने बेंच को अपने आदेश पर फिर से विचार करने को कहा, जिसके बाद बेंच को अपना मूल आदेश बदलना पड़ा।
दूसरा विवाद: आवारा कुत्तों का मामला
दूसरा मामला दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों से संबंधित था। 11 अगस्त को इसी बेंच ने आदेश दिया था कि सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर शेल्टर होम में भेजा जाए। इस फैसले का भी पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने देशभर में पुरजोर विरोध किया। विवाद को देखते हुए चीफ जस्टिस गवई ने तुरंत कार्रवाई की और इस मामले को जस्टिस पारदीवाला की बेंच से हटाकर तीन जजों की एक नई बेंच को सौंप दिया।
रोस्टर में किया गया बदलाव
इन दोनों घटनाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट के रोस्टर में बदलाव किया गया है। अब जस्टिस पारदीवाला के साथ जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की नई बेंच बनाई गई है, जबकि जस्टिस आर. महादेवन को जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के साथ नई बेंच में शामिल किया गया है।
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