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आजादी की पहली सुबह, जब दिल्ली के लाल किले पर नहीं, कहीं और लहराया गया था तिरंगा

Written By: Malaika Imam @MalaikaImam1 Published : Aug 14, 2025 08:49 pm IST, Updated : Aug 14, 2025 09:09 pm IST

आजादी की सुबह पहला राष्ट्रीय झंडा दिल्ली के लाल किला से नहीं फहाराया गया था। सबसे पहले तिरंगा फहराने का तारीखी दस्तावेज की एक अलग ही कहानी है।

लाल किला- India TV Hindi
Image Source : PTI लाल किला

Independence Day 2025: 15 अगस्त 1947 की तारीख, जो हिंदुस्तान की नई पहचान बनी। इस दिन पूरे मुल्क में आजादी का जश्न मनाया गया और पहली बार भारत का राष्ट्रीय झंडा लहराया गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आजादी के दिन भारत का पहला राष्ट्रीय झंडा दिल्ली में नहीं, कहीं और फहाराया गया था। आजादी के दिन सबसे पहले तिरंगा फहराने का तारीखी दस्तावेज की एक अलग ही कहानी है।

आजादी का पहला सरकारी ध्वजारोहण

दरअसल, 15 अगस्त, 1947 की सुबह करीब 5:30 बजे, जब सूरज की पहली किरणें आसमान में खिल रही थीं, भारत का पहला आधिकारिक ध्वजारोहण चेन्नई (तब मद्रास) के फोर्ट सेंट जॉर्ज में हुआ। यह वही जगह थी जहां ब्रिटिश हुकूमत ने दक्षिण भारत में अपना सबसे बड़ा मुख्यालय बनाया था। 

इस तारीखी लम्हे के लिए एक खास तिरंगा तैयार किया गया था, जिसकी लंबाई 12 फीट और चौड़ाई 8 फीट थी। यह रेशम से बना हुआ झंडा बहुत एहतियात के साथ फहराया गया, जो ब्रिटिश राज पर हिंदुस्तानी संप्रभुता की जीत का परचम था।

आजादी और सत्ता की तब्दीली सिर्फ दिल्ली तक ही महदूद नहीं थी, बल्कि पूरे मुल्क में एक साथ हो रही थी। ब्रिटिश हुकूमत के सबसे बड़े मरकज में तिरंगे का फहराया जाना हिन्दुस्तान की आज़ादी का एक अहम निशान बन गया।

यह ऐतिहासि तिरंगा आज भी चेन्नई के फोर्ट म्यूजियम में महफूज रखा गया है। इसे खास कांच के बक्से में एयरटाइट करके रखा गया है, ताकि यह वक्त के साथ खराब ना हो। झंडे की हिफाजत के लिए आस-पास सिलिका जेल का भी इस्तेमाल किया गया है।

जश्न-ए-आजादी

Image Source : PTI
जश्न-ए-आजादी

लाल किले पर पहली बार कब फहराया गया तिरंगा?

भले ही हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं, लेकिन 1947 में 15 अगस्त को ऐसा नहीं हुआ था। आजादी के दिन 15 अगस्त, 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने दिल्ली के प्रिंसेस पार्क (इंडिया गेट के पास) में तिरंगा फहराया था। उसी रात, उन्होंने संसद भवन में "ट्रिस्ट विद डेस्टिनी" का ऐतिहासिक भाषण दिया।

लाल किले पर पहली बार तिरंगा अगले दिन यानी 16 अगस्त, 1947 को फहराया गया था। तब से यह परंपरा बन गई है कि हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

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