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'हुबली में भड़की हिंसा पूर्व नियोजित थी', कर्नाटक पुलिस ने किया खुलासा

पुलिस के मुताबिक, भीड़ ने विरोध के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक और आईएसआई के नारे लगाए। पुलिस ने कहा कि 20 मिनट की अवधि में 2,000 से अधिक लोगों का इकट्ठा होना और अपराध स्थल पर पाए गए पत्थरों का ढेर यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी।

Khushbu Rawal Edited by: Khushbu Rawal @khushburawal2
Updated on: April 20, 2022 15:42 IST
Karnataka Police- India TV Hindi
Image Source : TWITTER- ANI Karnataka Police

हुबली (कर्नाटक): कर्नाटक की हुबली हिंसा की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह पूर्व नियोजित थी। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है। पुलिस ने ऐसे वीडियो एकत्र किए हैं जो उत्तरी कर्नाटक के वाणिज्यिक केंद्र में 16 अप्रैल को हुई हिंसा की योजना का खुलासा करते हैं। थाने के बाहर हिंसक भीड़ ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले युवक का सिर काटने की मांग की। भीड़ ने नारे लगाए जो हिंसा का आह्वान करते थे, जैसे 'दोषियों के लिए सजा क्या है' और 'सिर काटना दोषियों के लिए एकमात्र सजा है।'

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, भीड़ ने विरोध के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थक और आईएसआई के नारे लगाए। पुलिस ने कहा कि 20 मिनट की अवधि में 2,000 से अधिक लोगों का इकट्ठा होना और अपराध स्थल पर पाए गए पत्थरों का ढेर यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत है कि हिंसा पूर्व नियोजित थी।

इस बीच, पुलिस वाहनों पर चढ़ने और हिंसा में शामिल होने के लिए उकसाने वाले आरोपी मौलवी वसीम पठान और आठ अन्य को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम हैदराबाद भेजी गई है। पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में 10 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद कुल संख्या 103 हो गई है। गिरफ्तार किए गए लोगों में से 89 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और सभी को कलबुरगी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस ने हिंसा को लेकर कुल 12 मामले दर्ज किए हैं।

आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया था। 20 मिनट के अंदर ही करीब 2,000 लोग थाने के पास जमा हो गए और पुलिस से युवक को उनके हवाले करने की मांग की थी। पुलिस द्वारा थाने के अंदर घुसने के उनके प्रयासों को विफल करने के बाद, भीड़ ने हिंसा की और शनिवार रात पथराव किया।

घटना में एक सब-इंस्पेक्टर समेत 12 लोग घायल हो गए। पुलिस वाहनों, बसों और मंदिरों को निशाना बनाया गया। गिरफ्तार किए गए लोग स्थानीय इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस को शक था कि उन्हें थाने के बाहर इकट्ठा होने का मैसेज दिया गया था। वर्तमान में, हुबली शहर में निषेधाज्ञा लागू है।