Telangana Ragging Case: हैदराबाद में सरकारी डेंटल कॉलेज के लास्ट ईयर के 12 स्टूडेंट्स को रैंगिग से जुड़े केस में पुलिस की जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है। इन स्टूडेंट्स पर कॉलेज के हॉस्टल में बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स की रैगिंग करने का आरोप है। सरकारी डेंटल कॉलेज के प्रिंसिपल सरजीव सिंह यादव ने बताया कि फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स ने 9 जून को मौखिक तौर पर इसके बारे में एंटी-रैगिंग कमेटी को बताया था।
जूनियर स्टूडेंट्स से मंगवाई थी शराब
पीड़िता स्टूडेंट्स ने बीते 11 जून को शिकायत दी थी कि उन्हें शराब, सिगरेट, खाना लाने और अन्य निजी कार्यों को करने के निर्देश दिए गए थे। फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स से कथित रूप से चेयर सिट-अप्स और दंड लगवाए गए। साथ ही, उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
प्रशिक्षु की आंख में भी लग गई चोट
प्रिंसिपल के मुताबिक, जब कुछ प्रशिक्षुओं ने हस्तक्षेप करने का प्रयास किया तो उन्हें धमकी दी गई और लास्ट ईयर के स्टूडेंट्स की तरफ से अटैक किए जाने पर एक प्रशिक्षु की आंख में चोट लग गई। कॉलेज प्रशासन ने शुरुआत में स्टूडेंट्स को समझाया कि अगर रैगिंग जारी रही तो उनके पास पुलिस में शिकायत करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा।
12 स्टूडेंट्स को 6 महीने के लिए किया गया सस्पेंड
इसके बाद लास्ट ईयर के स्टूडेंट्स के अभिभावकों को भी बुलाकर इस केस की जानकारी दी गई। प्रिंसिपल सरजीव सिंह यादव के मुताबिक, इसके बाद 12 स्टूडेंट्स को 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया और सुल्तान बाजार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।
आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े
उन्होंने आगे कहा कि केस की पुलिस जांच जारी है। रिपोर्ट के आधार पर एक्शन लिया जाएगा। सरजीव सिंह यादव ने यह भी बताया कि आरोपी स्टूडेंट्स ने 31 दिसंबर को न्यू ईयर के जश्न के दौरान सीसीटीवी कैमरे तोड़े थे। कॉलेज प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि संस्थान में रैगिंग के विरुद्ध सख्त पॉलिसी लागू है। किसी भी स्टूडेंट को नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। अफसरों के मुताबिक, फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इंटरनल जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही मिले तो निलंबन का एक्शन लिया गया।
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