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महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी सांसदों ने दिए विशेषाधिकार हनन के नोटिस

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 10, 2021 09:02 pm IST,  Updated : Feb 10, 2021 09:02 pm IST

देश के एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश के बारे में लोकसभा में टिप्पणी करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी सांसदों पीपी चौधरी और निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार हनन के नोटिस दिए हैं। 

BJP moves breach of privilege motion against TMC MP Mahua Moitra over remarks on ex-CJI- India TV Hindi
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी सांसदों ने विशेषाधिकार हनन के नोटिस दिए हैं। Image Source : PTI

नयी दिल्ली: देश के एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश के बारे में लोकसभा में टिप्पणी करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी सांसदों पीपी चौधरी और निशिकांत दुबे ने विशेषाधिकार हनन के नोटिस दिए हैं। बता दें कि महुआ ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए सोमवार को एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश को लेकर कुछ टिप्पणी की थी, हालांकि उसे रिकॉर्ड से हटा दिया गया। पीपी चौधरी ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि मैंने महुआ मोइत्रा के खिलाफ नोटिस दिया। 

चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने न्यायाधीशों के आचरण के बारे में कुछ टिप्पणी की थी। क्या न्यायाधीशों का आचार व्यवहार पर सदन में चर्चा की जा सकती है? महुआ मोइत्रा ने कहा कि न्यायाधीशों के आचार व्यवहार को लेकर सदन में कोई चर्चा नहीं हो सकती। सदन के भीतर वर्तमान और सेवानिवृत्त न्यायाधीशों पर कोई आरोप नहीं लगाए जा सकते। 

चौधरी ने यह भी कहा कि यदि कोई सदस्य नियम के खिलाफ बोलता है तो विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है। महुआ मोइत्रा की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटा दी गई है, लेकिन उन्होंने जानबूझकर यह टिप्पणी की। यह ट्विटर हैंडल और यूट्यूब पर अब भी मौजूद है। निशिकांत दुबे ने कहा कि तृणमूल सांसद ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश के बारे में जो बातें की हैं वैसी टिप्पणी भाजपा की तरफ से कभी भी नहीं की गई। 

उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा की टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस की मानसिकता को दिखाती है। दुबे ने आसन से आग्रह किया, ‘‘महुआ मोइत्रा पर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाया जाए और उनकी सदस्यता खत्म की जाए।’’ पीठासीन सभापति एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि दोनों नोटिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विचाराधीन हैं।

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