पटना: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से खुद को अलग कर चुकी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) शनिवार को दो भागों में बंट गई। बिहार में RLSP के सभी दो विधायकों और एकमात्र विधान पार्षद ने यहां NDA के साथ रहने की घोषणा करते हुए RLSP पर खुद दावा ठोंक दिया।
Related Stories
इन नेताओं ने खुद को असली RLSP का नेता बताते हुए अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिगत राजनीति करने का आरोप भी लगाया। पटना में RLSP के दोनों विधायकों सुधांशु शेखर और ललन पासवान और विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NDA में रहने की घोषणा करते हुए कहा कि वे NDA में थे और आगे भी रहेंगे। उन्होंने कहा कि RLSP, NDA से कभी अलग हुई ही नहीं है।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व RLSP के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने NDA में सम्मान नहीं मिलने के कारण NDA से RLSP के अलग होने की घोषणा की थी। कहा जाता है कि लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कुशवाहा NDA से नाराज थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में RLSP के विधान पार्षद संजीव शेखर ने NDA नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार विधान मंडल में RLSP के तीनों सदस्य NDA के साथ हैं और आगे भी रहेंगे। हालांकि, उन्होंने NDA नेतृत्व पर सवाल खड़ा करते हुए NDA नेतृत्व से भागीदारी के हिसाब से हिस्सेदारी की भी मांग की। उन्होंने ये भी कहा कि NDA उन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व दे या न दे लेकिन वे NDA को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे।
इन तीनों नेताओं ने RLSP का दावा ठोंकते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी तो वे लोग निर्वाचन आयोग से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि RLSP के अधिकांश कार्यकर्ता भी उनके साथ हैं। उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिवादी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इन नेताओं ने कहा कि वे केवल अपने लाभ की बात करते हैं। उन्हें न पार्टी से मतलब रहा ना ही उन्हें बिहार से मतलब रहा।