पांव पांव वाले भैया कहलाने वाले शिवराज सिंह चौहान 25 मई एक बार फिर पदयात्रा शुरू कर रहे हैं। शिवराज ने साल 1991 में विदिशा के पूरे संसदीय क्षेत्र में पदयात्रा की थी। इसके बाद उनका नाम 'पांव-पांव वाले भैया' पड़ गया था। केंद्रीय कृषि मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान विदिशा संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं में पदयात्रा निकालेंगे। इस यात्रा के जरिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को गति देंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य केंद्र सरकार की योजनाओं से हर वर्ग और हर गांव हो लाभान्वित करना है। यह यात्रा सप्ताह में दो दिन चलेगी। पदयात्रा के लिए शिवराज अन्य लोकसभा क्षेत्रों में भी जाएंगे।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह की यह पदयात्रा निरंतर चलेगी। इसकी शुरुआत विदिशा संसदीय क्षेत्र से होगी। इसके बाद अन्य संसदीय क्षेत्रों में जाएगी। शिवराज सिंह सप्ताह में दो दिन अधिकतम 20 से 25 किमी की यात्रा निकालेंगे। यात्रा के दौरान गांवों में विभिन्न वर्गों से संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे, लाभ सुनिश्चित कराएंगे, उनकी समस्याओं का निराकरण के निर्देश देंगे।
पदयात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही लाभार्थियों से संवाद करेंगे और योजनाओं के प्रभाव का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करेंगे। इस यात्रा के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि सुधार, रोजगार सृजन तथा सामाजिक कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को धरातल पर उतारेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता और समग्र विकास की ओर अग्रसर है। पदयात्रा का उद्देश्य है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर गांव, हर किसान, हर महिला सशक्त बने। इसके लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।" पदयात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, महिला सशक्तिकरण की योजनाएं, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, डिजिटल इंडिया, और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।
शिवराज सिंह चौहान लाभार्थियों से मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। इसमें स्थानीय भागीदारी भी रहेगी। साथ ही, कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारियों के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह, किसान संगठन, महिला मंडल आदि को भी यात्रा में शामिल कर सबकी सहभागिता की जाएगी और योजनाओं के प्रभाव को व्यापक बनाया जाएगा।
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