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उन्नाव बलात्कार मामला: विधयाक कुलदीप सिंह सेंगर का आरोपी भाई अतुल गिरफ्तार

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Apr 10, 2018 08:17 am IST,  Updated : Apr 10, 2018 08:47 am IST

एक लड़की के गैंगरेप के आरोप ने यूपी सरकार को हिला कर रख दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कार्रवाई होगी। उन्नाव की एसपी बोल रही है कार्रवाई होगी लेकिन सवाल उठता है कैसे और कब, जब भाजपा विधायक सेंगर का एफआईआर में अब तक नाम ही नहीं है।

Unnao rape victim's father dies in judicial custody, Yogi remains silent- India TV Hindi
उन्नाव बलात्कार मामला: क्या योगी सरकार कुलदीप सिंह सेंगर को बचा रही है?  

नई दिल्ली: उन्नाव में महिला से रेप और मारपीट के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई को गिरफ्तार किया गया है। कुलदीप के भाई अतुल सिंह सेंगर पर महिला और उसके परिजनों के साथ मारपीट का आरोप है। दो दिन पहले पीड़ित महिला ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह की कोशिश की थी और कल पीड़िता के पिता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए। साथ ही कई पुलिसवालों को भी सस्पेंड किया गया है। अब इस मामले में विधायक के भाई अतुल को गिरफ्तार किया गया है।

उन्नाव के बांगरमऊ से भाजपा के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की बोली बता रही है कि पीड़ित परिवार के बारे में वो क्या सोच रखते हैं। एक महिला गैंगरेप का संगीन आरोप लगा रही है और विधायक पीड़ित और उसके परिवार पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे हैं। विधायक सेंगर की हंसी बता रही है कि कैसे वो उत्तर प्रदेश की कानून को ठेंगा दिखा रहें। पता नहीं विधायक की नजरों में निम्न स्तर के लोग कौन से होते हैं। कुलदीप सिंह सेंगर को ना पूछताछ का कोई खौफ है, ना गिरफ्तारी का। वो हंसी में उड़ा रहे हैं पीड़ित परिवार के आरोपों को, उनकी तकलीफों को, उनके दर्द को और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को।

एक लड़की के गैंगरेप के आरोप ने यूपी सरकार को हिला कर रख दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कार्रवाई होगी। उन्नाव की एसपी बोल रही है कार्रवाई होगी लेकिन सवाल उठता है कैसे और कब, जब भाजपा विधायक सेंगर का एफआईआर में अब तक नाम ही नहीं है। जून से लेकर अप्रैल का महीना आ गया लेकिन एक बार भी पुलिस विधायक के दरवाजे पर दस्तक देने नहीं आई और अब जब पीड़िता के पिता की मौत पुलिस हिरासत में हो गई है तो पूरा प्रशासन पंजे के बल खड़ा है।

फिलहाल 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए लेकिन परिवार वालों को पुलिस की कार्रवाई पर यकीन नहीं इसलिए पीड़ित का परिवार यूपी पुलिस से शव का पोस्टमार्टम तक नहीं करना चाहता था। शाम होते होते परिवार वाले मान गए लेकिन जांच वो सीबीआई से कराना चाहते हैं ताकि हर आरोपी सलाखों के पीछे हो।

आरोप भाजपा के विधायक पर हैं। सीएम आदित्यनाथ इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहते। उन्होंने साफ कर दिया है कि केस की जांच में कोई कमी नहीं रहेगी और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति ये है कि पुलिस विधायक के दरवाजे पर दस्तक नहीं दे पा रही है और परिवार पोस्टमॉर्मट हाउस के बाहर ही इंसाफ के लिए धरने पर बैठा है।

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