रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में एक बड़ा माओवादी कमांडर अनल दा उर्फ तूफान मारा गया। इस कमांडर पर एक करोड़ रुपये का इनाम था। मुठभेड़ में 8 माओवादियों के मारे जाने की खबर है। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई कोबरा और CRPF की संयुक्त टीम ने की। गुरुवार की सुबह पश्चिमी सिंहभूम में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई थी। यह मुठभेड़ किरीबुरू पुलिस थाने के इलाके में सारंडा के जंगलों में कुमडी नाम की जगह पर हुई। दोनों तरफ से जमकर गोलियां चलीं जिसमें अनल दा सहित 8 माओवादी मारे गए हैं।
कौन था अनल दा उर्फ तूफान?
अनल दा उर्फ तूफान का असली नाम पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश था। वह गिरिडीह जिले के पीरटांड थाना इलाके के झरहाबाले गांव का रहने वाला था। उसके पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी था। अनल दा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) यानी CPI (माओ) का सेंट्रल कमिटी सदस्य (CCM) था। उसे माओवादियों का रणनीतिकार माना जाता था, जो संगठन की बड़ी योजनाएं बनाता था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। अनल दा का मारा जाना के सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता और माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
'माओवादी गतिविधयों के खिलाफ व्यापक अभियान'
रिपोर्ट्स के मुातबिक, माओवादी कमांडर अनल दा उर्फ तूफान अपने साथियों के साथ सारंडा जंगलों में छिपा हुआ था। इसी बीच कोबरा और सीआरपीएफ की टीम ने इलाके को घेर लिया। बताया जा रहा है कि जैसे ही माओवादियों ने सुरक्षाबलों को देखा, उन्होंने गोली चलानी शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी फायरिंग की और मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान अनल दा उर्फ तूफान समेत उसके 7 साथी मारे गए हैं। बता दें कि पूरे देश में माओवादी गतिविधयों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, और पिछले कुछ महीनों में कई बड़े माओवादी मारे गए हैं।



