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J&K पुलिस का दावा, कठुआ में IGNOU के एक केंद्र में बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया

 Reported By: IANS
 Published : Jun 30, 2018 06:44 pm IST,  Updated : Jun 30, 2018 06:44 pm IST

जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा ने शनिवार को कठुआ जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के एक केंद्र में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया...

Jammu and Kashmir Police say exposed major scam at IGNOU centre in Kathua | PTI- India TV Hindi
Jammu and Kashmir Police say exposed major scam at IGNOU centre in Kathua | PTI

जम्मू: जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा ने शनिवार को कठुआ जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के एक केंद्र में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया। पुलिस का दावा है कि IGNOU के इस केंद्र में 4,000 छात्रों को परीक्षा में शामिल हुए बगैर ही फर्जी डिग्रियां बांट दी गईं। अपराध शाखा के एक प्रवक्ता ने बताया कि IGNOU के केंद्र में यह घोटाला तब सामने आया जब पुलिस को सूचना मिली कि प्रशांत भंडारी नाम के व्यक्ति और उसके सहयोगी वर्ष 2014-15 में बिल्लावर कस्बे में स्थापित इस केंद्र में फर्जी तरीके से परीक्षाएं कराने और छात्रों को दाखिला दिलाने में शामिल थे।

उन्होंने कहा, ‘इस केंद्र में करीब 4,000 छात्रों का दाखिला दिखाया गया है। अब तक इस केंद्र द्वारा कोई परीक्षा नहीं ली गई। इस केंद्र द्वारा नामांकित छात्रों को परीक्षाओं में शामिल दिखाया गया है और उन्हें डिग्रियां भी जारी की गई हैं।’ प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र जनवरी और जुलाई में 2 प्रवेश सत्र संचालित करता है और जून एवं दिसंबर में 2 परीक्षा सत्र संचालित करता है। हर सत्र में 800 से 1,200 छात्र प्रवेश लेते हैं। शुरुआती जांच का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कटरा, किश्तवाड़, चटरू और पड्डर केंद्रों का इस्तेमाल करते हुए इग्नू को फर्जी हाजिरी पुस्तिकाएं और उत्तर-पुस्तिकाएं सौंपी गईं।

उन्होंने कहा कि हर उम्मीदवार से हजारों रुपए वसूले गए। अध्यक्ष एवं एक अज्ञात समन्वयक के नाम पर खोले गए बैंक खातों के जरिए धन की हेराफेरी की गई। भंडारी, उसके सहयोगी भूपेन्द्र गुप्ता और अन्य ने IGNOU के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर शिक्षकों एवं परामर्शदाताओं के मानदेय का भी गबन कर लिया। प्रवक्ता ने बताया, ‘इस मामले में IGNOU एवं डाक घरों के अधिकारी क्षेत्रीय केंद्रों पर फर्जी उत्तर-पुस्तिकाएं तैयार करने में शामिल रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में एक केस दर्ज किया गया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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