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World Press Freedom Day 2020: जानिए 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का कारण और थीम

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : May 02, 2020 10:08 pm IST,  Updated : May 03, 2020 08:21 am IST

यूनेस्को की आम सम्मेलन की सिफारिश के बाद दिसंबर 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया था।

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2020- India TV Hindi
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2020 Image Source : TWITTER/GREENHAND_CENT

हर साल 3 मई को हर वर्ष 'वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे' के तौर पर मनाया जाता है। यूनेस्को की आम सम्मेलन की सिफारिश के बाद दिसंबर 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस घोषित किया गया था। तब से 3 मई को विंडहोक की घोषणा की सालगिरह को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस को मानाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों का जश्न मनाने के साथ दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता की स्थिति का आंकलन करना। इसके साथ ही हमलों से मीडिया की रक्षा करना और उन पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य के चलते अपना जीवन खो दिया है। हर साल प्रेस फ्रीडम डे की थीम अलग होती है। जानिए इसे मनाने के पीछे का कारण और इतिहास।

पत्रकार और मीडियाकर्मी हमें सूचित करके निर्णय लेने में मदद करने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

वर्ल्ड फ्रीडम डे की थीम 2020

इस साल की थीम की बात करें तो वह है Journalism Without Fear or Favour यानी बिना डर या पक्षपात के पत्रकारिता।

साल 2019 की थीम
इस वर्ष 2019 विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की थीम 'मीडिया फ़ॉर डेमोक्रेसी: टाइम्स ऑफ डिसिनफॉर्मेशन' में पत्रकारिता और चुनाव है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य चुनावों में मीडिया के सामने वर्तमान चुनौतियों के साथ-साथ शांति और सुलह प्रक्रियाओं के समर्थन करना।

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास
साल 1991 में अफ्रीका के पत्रकारों ने आजादी की पहल की थी। जिसके बाद 3 मई को प्रेस की आजादी को लेकर बयान जारी किया गया था। जिसे डिक्लेरेशन ऑफ विंकहोक (Declaration of windheok) नाम से गाया। इसके बाद साल 1993 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने पहली बार इस दिवस का आयोजन किया। जिसके बाद के हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। 

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का कारण
भारत सहित कई देशों से पत्रकारों के ऊपर हुए अत्याचारों की खबर आती रहती हैं। इसके अलावा मीडिया हाउस के एडिटर, प्रकाशकों और पत्रकारों को डराया जाता है। इन्हीं सभी चीजों के देखते हुए हर साल प्रेस की आजादी का दिन बनाया जाता है। 

गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार 
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के दिन गिलेरमो कानो वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार उस संस्थान के व्यक्ति को दिया जाता है जो प्रेस की फ्रीडम के लिए बड़ा कार्य किया है। इसके साथ ही प्रेस स्वतंत्रता के लिए काम करने वाले क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठनों और यूनेस्को के सदस्य राज्यों द्वारा नाम प्रस्तुत किए जाते हैं।  

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