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कम खाना, गम खाना, यही है फिटनेस का असली मंत्र, सिर्फ इस एक आदत से दूर रहेगा मोटापा और कई बीमारियां

 Written By: Bharti Singh
 Published : May 17, 2024 06:00 am IST,  Updated : May 17, 2024 06:00 am IST

एक कहावत है खुश रहना है तो कम खाने, गम खाने की आदत बना लें। इससे मोटापा ही नहीं कई बीमारियां भी दूर रहेंदगी। जानिए कैसे सुधारें अपनी लाइफस्टाइल?

कम खाने की आदत- India TV Hindi
कम खाने की आदत Image Source : FREEPIK

लंबे समय तक फिट रहना है और वजन कम करना है तो कम खाने की आदत बना लें। कम खाने से मोटापा दूर रहता है और शरीर कई गंभीर बीमारियों से भी बचा रहता है। कम खाना और गम खाना, जिसने भी इस मुहावरे को जीवन में अपना लिया, वो जीवनभर स्वस्थ रहेगा। यहां कम खाने से मतलब है ओवर इटिंग से बचें और गम खाने से मतलब है कि कोई बात बुरी लगे तो उसे भूल जाएं। जिस तरह खाने को खाकर खत्म कर दिया जाता है वैसे ही गम को भी खत्म कर दें। हालांकि शरीर को भरपूर पोषण देने के लायक जरूर खाएं नहीं तो कुपोषण के मरीज बन जाएंगे। साधारण भाषा में कहें तो जब आपको लगे खाने से पेट भर गया है वहीं खाना स्टॉप कर दें। खाना निपटाना या टेस्टी लग रहा है तो ज्यादा खाने से बचें। 

बीमारियों की जड़ है ज्यादा खाना

ओवर इटिंग हर मुसीबत की जड़ है, अगर कम खाना खायेंगे तो ना मोटापा बढ़ेगा, ना एसिडिटी होगी ना बदहजमी और दूसरी बीमारियां नहीं होंगी। कम खाने का सबसे अच्छा फायदा है कि मोटापा नहीं आयेगा। हर खाना अपनी डायट से थोड़ा कम खाने की आदत बना लें।

हैप्पीनेस के लिए जरूरी 

ज्यादा खाने से गर्मी में फूड पॉइजनिंग, एसिडिटी होना, ब्लॉटिंग जैसा फील होना ज्यादा खाने की आदत से होता है। खाने के बाद उसे पचाने के लिए दवाएं खाने से बेहतर है थोड़ा कम ही खाएं और हैप्पी रहें।

लंबे जीवन का मंत्र 

जापानी लोगों की लंबी आयु का एक सीक्रेट है उनकी कम डाइट।  दरअसल जापान के लोग हमेशा छोटी प्लेट में खाते हैं जिससे प्लेट बहुत कम खाने से ही फुल लगती है। अगर आपको भी कम खाने की हैबिट बनानी है तो छोटी प्लेट इस्तेमाल किया करें।

जंक फूड से बचेंगे 

सबसे ज्यादा नुकसान जंक फूड करता है, जिसमें प्रिजवेटिव्स के अलावा कई बेकार ऑयल और ऐसे इंग्रीडियेंट होते हैं, जो नुकसान पहुंचाते हैं। जब आप कम खाने की आदत बना लेते हैं तो जंक फूड भी कम ही खाएं। इससे आप हेल्दी बने रहेंगे।

नेचर फ्रेंडली हैबिट

कम खाने को नेचर फ्रेंडली हैबिट माना जाता है। ये बहुत बड़ा एडवांटेज है जिससे फूड वेस्ट नहीं होगा। अगर आपको भी पर्यावरण की चिंता है, तो इस आदत से प्राउड फील होगा। कम खाने की आदत की वजह से कम खाना प्लेट में लेंगे और खाना बर्बाद नहीं करेंगे।

 

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