जूते चप्पल न सिर्फ पैरों को आराम देते हैं बल्कि पैरों की खूबसूरती को भी बढ़ाते हैं। चप्पल पैरों को धूल, मिट्टी, कंकड़ पत्थर और गंदगी से बचाती हैं। पैरों को गर्म रखती है और आराम देती हैं। लेकिन क्या हर वक्त चप्पल पहने रहने की आदत सही है। क्या घर के अंदर जहां खूब साफ सफाई रहती है वहां भी चप्पल पहनकर रखनी चाहिए। क्या हर समय चप्पलें पहनना सही है। आइये जानते हैं।
एक वक्त था जब लोगों को चप्पल भी नसीब नहीं थीं, फिर लकड़ी और चमड़े के चप्पल और जूते आए। इसके बाद रबड़ की चप्पल आईं और हर किसी के पैरों में चप्पल दिखने लगीं। रबड़ और प्लास्टिक की चप्पल जब से आई हैं आपने किसी को शायद ही नंगे पैर देखा होगा। लेकिन लगातार प्लास्टिक की चप्पल पहनने से पैरों को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।
चप्पल पैरों के लिए हानिकारक हो सकती है?
पैर में गांठ हो सकती है- चप्पल पहनने से पैरों में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। कई बार खराब क्वालिटी की चप्पल पहनने से पैर और उंगलियों में गांठें हो सकती हैं। कुछ लोगों की पैर की उंगलियां टेढ़ी हो जाती है।
पैरों में सूजन- कई बार लंबे समय तक चप्पल पहने रहने से तलवों में सूजन आने लगती है। चप्पल पहनने से पैरों में पसीना आने लगता है। इसलिए इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।
जोड़ों में दर्द- अगर जूते चप्पल आरामदायक न हों तो कम उम्र में ही जोड़ों के दर्द की समस्या हो सकती है। हील वाली सैंडल पहनने से भी आप जॉइंट पेन की चपेट में आ सकते हैं।
गिरने का डर- कई बार चप्पल का सोल नीचे से चिकना हो जाता है। ऐसी स्थिति में फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। पानी और चिकनी तरह पर नंगे पैर जितनी अच्छी ग्रिप बनाते हैं चप्पल उतनी ग्रिप नहीं देती हैं।
हड्डी की दिक्कत- हर समय जूते पहने रहने से पैर जूते के अंदर कसे रहते हैं। यही कसावट आपके अंगूठे के नाखून के साथ अंगूठे के जोड़ की हड्डी के बढ़ने का कारण बन सकती है। इस कंडीशन को हैमर टो के नाम से भी जाना जाता है।