Sri Sri Ravishankar quotes: श्री श्री रविशंकर किसी पहचान के मौहताज नहीं हैं। वो दुनियाभर में आध्यात्मिक और मानववादी गुरु के रूप में प्रसिद्ध हैं। उन्हें उनके अनुयायी "गुरुदेव" के नाम से भी जानते हैं। वह आर्ट ऑफ लिविंग फाउण्डेशन के संस्थापक हैं, जो तनावमुक्त और हिंसामुक्त समाज के निर्माण के लिए काम करता है। उनके अनुयायी उन्हें आदर से "श्री श्री", "गुरुजी" या "गुरुदेव" कहकर पुकारते हैं। उन्होंने दुनिया भर में लाखों लोगों को तनाव से निपटने और मानवीय मूल्यों के पुनर्जागरण के लिए कार्यक्रम और सेवा परियोजनाएं प्रदान की हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। उनके विचार लोगों को प्रेरित करने का काम करते हैं। आऐसे में सफल बनने के लिए गांठ बांध लें श्री श्री रविशंकर मोटिवेशनल कोट्स।
Sri Sri Ravi Shankar motivational Quotes in Hindi
तुम दिव्य हो, तुम मेरे ही अंश हो, मैं भी तुम्हारा अंश हूं।
एक गरीब आदमी साल में एक बार नये साल का उत्सव मनाता है, एक अमीर आदमी हर दिन उत्सव मनाता है, लेकिन सबसे अमीर आदमी हर पल उत्सव मनाता है।
हर चीज के पीछे आपका अहंकार होता है: मैं, मैं, मैं, मैं लेकिन सेवा में कोई मैं नहीं है, क्योंकि यह किसी ओर के लिए की जानी है।
खुशी कल में नहीं है ये हमेशा वर्तमान में हैं।
कामयाबी के पीछे ज्यादा बैचेन न हो, अगर लक्ष्य साफ़ है तो थोड़ा धैर्य रखें, सफलता जरूर मिलेगी।
यदि आप लोगों के लिए अच्छा करते हैं, तो आप इसे अपने स्वभाव के कारण कर रहे हैं।
कामना या इच्छा, तब जागृत होती हैं जब आप खुश नहीं होते हैं, क्या आपने यह देखा है? जब आप बहुत खुश होते हैं तब संतोष होता है, संतोष का अर्थ है, कोई इच्छा नहीं।
नए विचारों के लिए दिमाग खुला रखें, सफलता के बारे में ज्यादा चिंतित ना हो, अपना 100% दे और लक्ष्य पर फोकस रहे।
हमेशा सहज रहने की चाह में आप आलसी हो जाते हैं, हमेशा पूर्णता की चाह में, आप क्रोधित हो जाते हैं, हमेशा अमीर बनने की चाह में आप लालची हो जाते हैं।
अपने कार्यों के पीछे के उद्देश्यों को देखें, अक्सर आप उन चीजों के लिए नहीं करते जिन्हें आप वास्तव में चाहते हैं।
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