नेगेटिव लोग (negative person) कैसे, होते हैं? कभी आपने सोचा है। बहुत से लोग इस बारे में नहीं सोचते और इसी चक्कर में नेगेटिविटी के शिकार हो जाते हैं। दरअसल, नेगेटिव लोग सिर्फ खुद का नुकसान नहीं करते बल्कि, दूसरों का भी नुकसान कर देते हैं। वे लोगों के देखने का नजरिया खराब कर देते हैं और हर चीज को एक नेगेटिव रंग देते हैं। लेकिन, सवाल ये है कि कौन हैं ये लोग।
ना और नहीं, जैसे शब्द नेगेटिव लोगों के इस्तेमाल में ज्यादा होता है। उनसे से कुछ भी पूछो आप पहने हां के अलावा बहुत कुछ निकलेगा पर हां बोलने में उन्हें देरी होती है। साथ ही वे बिना सोचे समझे भी ना और नहीं जैसे शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
बातचीत की शुरुआत अ.अ.. और रुकावट के साथ करना नेगेटिव लोगों को पहचानने का एक आसान तरीका है। जी हा, क्योंकि ये देरी असल में उनके मन और ब्रेन के बीच की बातचीत है। असल में ये लोग मन में ही मन गुणा-भाग (calculation) कर रहे होते हैं।
बार-बार पुरानी चीजों के बारे में बात करना, असल में पीछे मुड़ कर देखना है और सामने की चीजों से दूर होना है। ये असल में एक प्रकार की नेगेटिविटी है और ये आपको पीछे की ओर खींचना है। इसलिए जिन लोगों की बातचीत में आपको आपको लगे कि ये पुरानी बातों का ही जिक्र करते हैं उनसे दूर रहें।
जो लोग अपने और दूसरे की स्थितियों में तुलना करते हैं वे कभी खुश नहीं रहते। क्योंकि उनकी नजर उस बात पर नहीं होती कि उन्हें क्या मिला है बल्कि, इस बात पर होती है कि दूसरों के पास क्या है। इससे वे दूसरों से जलते हैं और दुखी रहते हैं।
ना-शुक्री होना, असल में नेगेटिविटी का लक्षण है। असल में ये दिखाता है कि आप हर चीज को हल्के में लेते हैं और उसकी कद्र नहीं करते, ना उसके लिए शुक्रिया बोलते हैं और दूसरी चीजों के पीछे भागने लगते हैं।
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