1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. अचानक हो जाते हैं बेहोश तो कहीं आप भी इस बीमारी की चपेट में तो नहीं

अचानक हो जाते हैं बेहोश तो कहीं आप भी इस बीमारी की चपेट में तो नहीं

 Edited By: IANS
 Published : Jul 27, 2018 04:00 pm IST,  Updated : Jul 27, 2018 04:00 pm IST

मध्यम आयु वर्ग वाले लोगों के रक्तचाप में अचानक गिरावट डिमेंशिया या स्ट्रोक के बढ़ते खतरे का संकेत हो सकता है। रक्तचाप में गिरावट होने से उन्हें खड़े होने के दौरान बेहोशी, चक्कर आना जैसा महसूस होता है।

health and banefits- India TV Hindi
health and banefits

हेल्थ डेस्क: मध्यम आयु वर्ग वाले लोगों के रक्तचाप में अचानक गिरावट डिमेंशिया या स्ट्रोक के बढ़ते खतरे का संकेत हो सकता है। रक्तचाप में गिरावट होने से उन्हें खड़े होने के दौरान बेहोशी, चक्कर आना जैसा महसूस होता है। शोध के निष्कर्षो में कहा गया है कि ऐसे लोग, जिन्हें रक्तचाप में गिरावट का अनुभव किया, उनमें डिमेंशिया विकसित होने का 54 फीसदी ज्यादा जोखिम पाया गया। रक्तचाप में गिरावट महसूस करने वाली स्थिति को ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन कहते हैं।

इनमें इस्केमिक स्ट्रोक विकसित होने की संभावना दोगुना पाई गई। यह स्थिति दिमाग को रक्त ले जाने वाली रक्त वाहिका में रक्त का थक्का बनने के कारण होती है। अमेरिका के मैरीलैंड में जॉन हॉकिंस विश्वविद्यालय की एंड्रिया रॉवलिंग्स ने कहा, "ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन दिल की बीमारी, बहोश होने और गिरने से जुड़ी हुई है, इसलिए हम यह जानने के लिए कि क्या निम्न रक्तचाप का यह प्रकार दिमाग से खास तौर से डिमेंशिया से जुड़ा है, इसके निर्धारण के लिए विस्तृत शोध करना चाहते हैं।"इस शोध का प्रकाशन पत्रिका 'न्यूरोलॉजी' में किया गया है। इसमें शोध दल ने 11,709 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया।(भारत में 4 करोड़ लोग क्रोनिक हेपेटाइटिस बी संक्रमण से हैं पीड़ित)

डिमेंशिया के लक्षण कई रोगों के कारण हो सकते हैं। अल्ज़ाइमर रोग सबसे ज्यादा पाया जाने वाला डिमेंशिया रोग है। यह माना जाता है कि अल्जाइमर रोग डिमेंशिया के करीब 50-75% केस के लिए जिम्मेदार है। यह अकेले भी पाया जाता है, और अन्य डिमेंशिया के साथ भी मौजूद हो सकता है।(मुंह के अंदर दिखे ये लक्षण तो हो सकते हैं कैंसर के संकेत)

अल्ज़ाइमर रोग में मस्तिष्क में हानि होती है-मस्तिष्क में न्यूरोफिब्रिलरी टैंगिल और बीटा-एमीलायड प्लैक देखे जाते हैं, और मस्तिष्क सिकुड़ने लगता है. मस्तिष्क की हानि के कारण व्यक्ति में लक्षण नजर आते हैं। शुरू में ये लक्षण हलके होते हैं और कई बार लोग इन पर ध्यान नहीं देते। सबसे आम प्रारंभिक लक्षण है याददाश्त की समस्या। इस लिए इस रोग को कई लोग 'भूलने की बीमारी', 'स्मृति-लोप' और 'याददाश्त की समस्या' के नाम से भी जाना जाता है। शुरू में अन्य भी कई लक्षण होते हैं, जैसे की अवसाद, अरुचि, समय और स्थान का सही बोध न होना, वगैरह।(जल्दी में करना है वजन कम तो रोजाना पीएं खीरे और अदरक का जूस, इस तरह बनाएं)

अल्ज़ाइमर रोग एक प्रगतिशील रोग है, और इस में हो रही मस्तिष्क में हानि समय के साथ बढ़ती जाती है। लक्षण भी गंभीर होते जाते हैं। व्यक्ति को सभी कामों में दिक्कत होने लगती है। रोग के अंतिम चरण में व्यक्ति अधिकाँश समय बिस्तर पर ही रहते हैं और पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं।

Latest Health News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल