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प्रोबायोटिक्स से भी हो सकता है आंत के कैंसर का इलाज!, जानिए

 Edited By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Sep 18, 2017 04:47 pm IST,  Updated : Sep 18, 2017 04:47 pm IST

प्रोबायोटिक्स आंत के कैंसर के इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं। आंत में पाये जाने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं के असर को कम करने के लिए अगर प्रोबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जाए तो ये सूजन कम करके और मलाशय के ट्यूमर को खत्म करके आंत के कैंसर के इलाज में...

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हेल्थ डेस्क: आज के समय में भारत में बड़ी तेजी से कैंसर का लोग फैल रहा है। हर चौथा व्यक्ति इसकी चपेट में चुका है। कई लोगों को कैंसर के बारें में ज्यादा पता न होने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। कैंसर कई तरह के होते है। इन्हीं में से एक है आंत का कैंसर। यह भी और की तरह जानलेवा होता है। हाल में ही एक शोध किया जिसमें ये बात सामने आई कि प्रोबायोटिक्स  का सेवन करने से आपको इस कैंसर से निजात मिल सकता है।

स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाने वाले प्रोबायोटिक्स आंत के कैंसर के इलाज में कारगर साबित हो सकते हैं। आंत में पाये जाने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं के असर को कम करने के लिए अगर प्रोबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जाए तो ये सूजन कम करके और मलाशय के ट्यूमर को खत्म करके आंत के कैंसर के इलाज में प्रभावकारी सिद्ध हो सकते हैं।

अमेरिका में टेक्सास चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल एंड कोलंबिया यूनिवर्सिटी के बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए अध्ययन में यह पाया है। शोधकर्ताओं ने जब चूहों के शरीर में हिस्टामिन पैदा करने वाले आंत के सूक्ष्म कीटाणु डाले तो उनमें सूजन कम हुई और ट्यूमर बनने में कमी आयी। चूहों में खुद से हिस्टामिन पैदा करने की क्षमता नहीं होती इसलिए उनके शरीर में हिस्टामिन डाले गए।

शोध के परिणामों से पता चला कि अगर आंत में पाये जाने वाले सूक्ष्म कीटाणुओं के असर को कम करने के लिए प्रोबायोटिक्स का इस्तेमाल किया जाए तो ये आंत में सूजन से होने वाली बीमारी से जुड़ी बड़ी आंत के कैंसर को रोकने और उसके इलाज में कारगर साबित हो सकता है।

बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर जेम्स वर्सालोविक ने कहा, हम मानव शरीर में रहने वाले कीटाणुओं के अध्ययन कहलाने वाले माइक्रोबियम विग्यान में प्रगति के दौर में है। इस अध्ययन से मानवीय बीमारी का पता लगाने और उसके इलाज में मदद मिलती है।

बैक्टीरिया, फफूंदी और वायरस जैसे कीटाणुओं के समूह जो मानव शरीर में रहते हैं, उन्हें माइक्रोबियम कहते हैं।

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