चटनी खाने के स्वाद को गई गुना बढ़ा देती है। भारत में 1-2 नहीं बल्कि सैकड़ों तरह की चटनी बनाई और खाई जाती हैं। आम की चटनी, इमली की चटनी, नारियल की चटनी, खजूर की चटनी, टमाटर और धनिया की चटनी और न जाने कितने तरह की चटनी बनाई जाती हैं। हरी मिर्च की चटनी बहुत कॉमन है। लोग आसानी से हरी मिर्च की चटनी बनाकर खा लेते हैं। हरी मिर्च की चटनी न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट लगती है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। हम आपको एकदम तीखी, चटपटी हरी मिर्च की चटनी बनाना बता रहे हैं, जिसे खाने के बाद आपके कानों से धुंआ निकलने लगेगा। नोट कर लें हरी मिर्च की चटनी की रेसिपी।
सिल पर बनी चटनी का स्वाद मिक्सी में पिसी चटनी से बहुत अलग होता है। आप चाहें तो किसी बड़े और साफ पत्थर पर भी चटनी पीसकर खा सकते हैं। दादी नानी के वक्त में सिल पर ही चटनी बनाई जाती थी। ये चटनी बहुत कम और बहुत तीखी हुआ करती थी। अब आप मिक्सी में भी चटनी पीसकर खा सकते हैं।
हरी मिर्च की तीखी चटनी रेसिपी
हरी मिर्च की चटनी बनाने के लिए आप 10 हरी मिर्च लें। 5-6 कली लहसुन और थोड़े मूंगफली के दाने लें और जीरा लें। एक कड़ाही या पैन में 1 बड़ा चम्मच सरसों का तेल डालें। इसमें जीरा, लहसुन, हरी मिर्च डालें हल्का पकाएं। अब मूंगफली के छिलका हटे हुए दाने डालें। हाई फ्लेम पर हल्का पकाएं और फिर गैस बंद कर दें। ठंडा होने पर मिक्सी में दरदरा पीस लें। आप चाहें तो इसे कूटकर भी तैयार कर सकते हैं। तैयार है हरी मिर्च की तीखी चटनी।
महाराष्ट्र में चाव से खाते हैं हरी मिर्च का ठेचा
इस चटनी महाराष्ट्र में बहुत बनाया और खाया जाता है। इसे कोल्हापुरी ठेचा भी कहते हैं। रोटी, पराठा या चावल किसी के साथ भी आप इस चटनी को इंजॉय कर सकते हैं। खास बात ये है कि ये हरी मिर्च की चटनी कई दिनों तक खराब नहीं होती। आप इसे 2-3 दिन के हिसाब से बनाकर भी रख सकते हैं।